ITR भरने से पहले चेक कर लें AIS, बैंकों की ये गलती भेजवा सकती है नोटिस
Published by : Soumya Shahdeo Updated At : 31 May 2026 2:42 PM
ITR Filing 2026 (Photo: Freepik)
ITR Filing 2026: ITR फाइल करने से पहले अपना AIS जरूर चेक करें. बैंकों की SFT रिपोर्ट में हुई गलतियां आपके लिए टैक्स नोटिस या रिफंड में देरी की वजह बन सकती हैं.
ITR Filing 2026: अगर आप इस साल अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. 31 मई को बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए ‘स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस’ (SFT) फाइल करने की आखिरी तारीख थी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन रिपोर्ट्स में होने वाली गलतियों का सीधा असर आपके टैक्स रिकॉर्ड पर पड़ता है. इसलिए ITR भरने से पहले अपने वित्तीय रिकॉर्ड को अच्छी तरह जांच लें.
SFT क्या है और यह क्यों जरूरी है?
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 285BA के तहत SFT एक रिपोर्टिंग सिस्टम है. इसके जरिए बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड कंपनियां, फॉरेक्स डीलर्स और शेयर बाजार से जुड़ी संस्थाएं आपके बड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी ‘फॉर्म 61A’ के जरिए टैक्स विभाग को देती हैं. इस जानकारी का इस्तेमाल टैक्स अधिकारी यह चेक करने के लिए करते हैं कि आपने अपने ITR में अपनी कमाई और निवेश को सही-सही दिखाया है या नहीं.
आपके ITR पर इसका क्या असर होगा?
संस्थानों द्वारा SFT में दी गई जानकारी सीधे आपके ‘एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट’ (AIS) में दिखाई देती है. अगर किसी बैंक या कंपनी ने आपके लेन-देन की गलत रिपोर्टिंग कर दी है. जैसे गलत पैन (PAN) नंबर डालना, एक ही ट्रांजैक्शन को दो बार दिखा देना या गलत अमाउंट लिखना, तो आपके AIS में गड़बड़ी आ जाएगी. भले ही आपने अपना ITR बिल्कुल सही भरा हो, लेकिन अगर आपके दावे और AIS के डेटा में अंतर (Mismatch) मिला, तो टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज सकता है. इसके अलावा आपका रिफंड अटक सकता है या आपके रिटर्न को ‘डिफेक्टिव’ (खामी वाला) घोषित किया जा सकता है.
गड़बड़ी होने पर आपको क्या करना चाहिए?
- AIS और फॉर्म 26AS डाउनलोड करें: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिटर्न फाइल करने से पहले इनकम टैक्स पोर्टल से अपना AIS और फॉर्म 26AS जरूर निकालें.
- डिटेल्स क्रॉस-चेक करें: अपने बैंक ब्याज, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार के ट्रांजैक्शन और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के आंकड़ों को अपनी पासबुक से मिलाएं.
- संयुक्त निवेश (Joint Accounts) पर खास ध्यान दें: अक्सर जॉइंट अकाउंट या जॉइंट इन्वेस्टमेंट के मामलों में पूरा ट्रांजैक्शन किसी एक ही होल्डर के नाम पर दर्ज हो जाता है, जिससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है.
- तुरंत फीडबैक दें: अगर AIS में कोई जानकारी गलत दिख रही है, तो इनकम टैक्स पोर्टल पर ऑनलाइन फीडबैक दर्ज करें या संबंधित बैंक/संस्थान से संपर्क करके इसे सुधरवाएं.
आपके पास कितना समय बचा है?
टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ऑनलाइन ITR-1, ITR-2 और ITR-4 फॉर्म भरने की सुविधा शुरू कर दी है. आम टैक्सपेयर्स के लिए बिना लेट फीस ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. सुधार की प्रक्रिया में समय लगता है, क्योंकि वित्तीय संस्थानों को अपनी SFT रिपोर्ट रिवाइज करनी पड़ती है. इसलिए आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना अपने रिकॉर्ड्स को आज ही दुरुस्त कर लें ताकि आपका टैक्स असेसमेंट बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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