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धमाकेदार कमाई या बड़ा नुकसान? Infosys Q3 Results का पूरा कच्चा चिट्ठा, जानें बस एक क्लिक में!

Infosys Q3 Results: इन्फोसिस के मुनाफ़े में 2% की गिरावट आई है, लेकिन कंपनी ने अपनी कमाई का अनुमान बढ़ा दिया है. जानिए AI के दम पर कैसे यह IT दिग्गज बड़ी वापसी की तैयारी कर रहा है.

Infosys Q3 Results: अगर आप शेयर बाजार या टेक की दुनिया पर नजर रखते हैं, तो देश की दूसरी सबसे बड़ी IT कंपनी, इन्फोसिस के ताजा आंकड़े आपके होश उड़ा सकते हैं. इस बुधवार को कंपनी ने अपने तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी किए, और इसमें कुछ चीजें ऐसी हैं जो थोड़ी चौंकाने वाली हैं. कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) पिछले साल के मुकाबले 2% गिरकर 6,654 करोड़ रुपये रह गया है. पिछले साल इसी समय यह 6,806 करोड़ रुपये था. लेकिन रुकिए, पिक्चर अभी बाकी है. भले ही मुनाफा गिरा हो, लेकिन कंपनी की कमाई (Revenue) में 9% की बढ़त देखी गई है, जो अब 45,479 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यह दिखाता है कि कंपनी काम तो जमकर कर रही है, पर शायद खर्चे थोड़े भारी पड़ गए.

क्या मुनाफा गिरने के पीछे कोई ‘Hidden’ वजह है?​

अक्सर हमें लगता है कि प्रॉफिट गिरना मतलब कंपनी डूब रही है, लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग है. इस बार इन्फोसिस के मुनाफे पर ‘लेबर कोड’ के नए नियमों का असर पड़ा है, जिसकी वजह से उन्हें 1,289 करोड़ रुपये का एक बड़ा झटका (Exceptional Item) लगा है. इसी वजह से कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी गिरकर 18.4% पर आ गया, जो पिछले साल 21.3% था. आसान भाषा में कहें तो कंपनी को अपनी सेल्स बढ़ाने और नई टेक्नोलॉजी में पैसा लगाने के लिए इस बार अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ी है.

क्या AI (Artificial Intelligence) बनेगा कंपनी का गेम-चेंजर?​

भले ही मुनाफे में थोड़ी गिरावट हो, लेकिन कंपनी के CEO सलिल पारेख काफी कॉन्फिडेंट नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अब इन्फोसिस को अपने AI पार्टनर के तौर पर देख रही हैं. इन्फोसिस का ‘Topaz’ प्लेटफॉर्म मार्केट में अपनी जगह बना रहा है. यही वजह है कि कंपनी ने इस तिमाही में करीब 4.8 बिलियन डॉलर (TCV) की बड़ी डील्स अपने नाम की हैं. इसमें से 57% तो एकदम नए प्रोजेक्ट्स हैं. इसे देखकर लग रहा है कि इन्फोसिस आने वाले समय में AI की लहर पर सवार होकर बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है.

क्या भविष्य को लेकर सब कुछ ठीक है?​

सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इन्फोसिस ने साल 2026 (FY26) के लिए अपनी ‘रेवेन्यू गाइडेंस’ बढ़ाकर 3% से 3.5% कर दी है. इसका मतलब है कि कंपनी को भरोसा है कि आने वाले महीनों में उनके पास प्रोजेक्ट्स और पैसों की कोई कमी नहीं होने वाली है. भले ही अभी थोड़े खर्चे बढ़े हुए दिख रहे हों, लेकिन कंपनी का विजन एकदम क्लियर है. वे सिर्फ पुरानी सर्विस पर नहीं, बल्कि नए जमाने की टेक्नोलॉजी और क्लाइंट्स के भरोसे पर फोकस कर रहे हैं. तो अगर आप सोच रहे हैं कि इन्फोसिस का बुरा दौर शुरू हो गया है, तो शायद आप गलत हैं; यह बस एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है.

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Soumya Shahdeo
Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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