'मनमोहन सिंह असाधारण व्यक्ति, लेकिन UPA के दौर में भारत 'ठहर' सा गया था', बोले नारायण मूर्ति

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 24 Sep 2022 8:32 AM

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सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के वक्त जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के पद पर काबिज थे, उस वक्त भारत में आर्थिक गतिविधियां ‘ठहर’ गईं थीं.

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इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने ऐसी बात कही है जिसकी चर्चा जोरों पर हो रही है. उन्होंने यूपीए सरकार के अंतिम वर्षों के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाया है साथ ही निर्णय लेने में देरी पर अफसोस जनक करार दिया है. हालांकि, उन्होंने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को असाधारण व्यक्ति बताया है. नारायण मूर्ति ने ये बातें भारतीय प्रबंधन संस्थान – अहमदाबाद (आईआईएम-ए) में युवा उद्यमियों और छात्रों के साथ बातचीत के दौरान कही.

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के वक्त जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के पद पर काबिज थे, उस वक्त भारत में आर्थिक गतिविधियां ‘ठहर’ गईं थीं और समय पर निर्णय लेने की बात उस वक्त नहीं देखी गयी. आगे उन्होंने भरोसा जताया कि यंग माइंड भारत को चीन का एक योग्य प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता रखता है.

मनमोहन सिंह एक असाधारण व्यक्ति थे

एन आर नारायण मूर्ति ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं लंदन में (2008 और 2012 के बीच) एचएसबीसी के बोर्ड में था. पहले कुछ वर्षों में, जब बोर्डरूम (बैठकों के दौरान) में चीन का दो से तीन बार उल्लेख किया गया, तो भारत का नाम एक बार आता था.” मूर्ति ने आगे कहा कि लेकिन दुर्भाग्य से, मुझे नहीं पता कि बाद में (भारत के साथ) क्या हुआ. (पूर्व पीएम) मनमोहन सिंह एक असाधारण व्यक्ति थे और मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है. लेकिन यूपीए के दौर में भारत ठहर गया था. निर्णय नहीं लिए जा रहे थे.

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दुनिया में भारत के लिए सम्मान का भाव

जब उन्होंने एचएसबीसी (2012 में) छोड़ा, तो बैठकों के दौरान भारत का नाम शायद ही कभी आता था, जबकि चीन का नाम लगभग 30 बार लिया गया. एन आर नारायण मूर्ति ने कहा कि आज दुनिया में भारत के लिए सम्मान का भाव है और देश अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.

भाषा इनपुट के साथ

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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