Indian Railways IRCTC: भारतीय रेलवे के लिए यात्रियों की जान की कीमत किसी भी समय सारिणी से ऊपर है. यही कारण है कि टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल ने अगले तीन दिनों तक विकास और रफ्तार के बीच एक छोटा सा विराम लिया है. 7 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक पटरियों पर ट्रेनों के इंजन की गूँज कम सुनाई देगी. यह फैसला किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि प्रकृति और इंसान के बीच टकराव को टालने के लिए लिया गया है. घने कोहरे के बीच जंगली हाथियों की मौजूदगी ने रेलवे को अपनी रणनीतियां बदलने पर मजबूर कर दिया है.
इंसान और वन्यजीवों की सुरक्षा सबसे ऊपर
चक्रधरपुर मंडल के घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली रेल लाइनें इन दिनों जंगली हाथियों का पसंदीदा गलियारा बनी हुई हैं. हाथियों के झुंड द्वारा लगातार ट्रैक पार किए जाने की सूचनाओं ने रेलवे प्रशासन को अलर्ट मोड पर डाल दिया है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) कम है, ऐसे में अगर कोई ट्रेन अचानक हाथियों के सामने आ जाए, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ‘गजराज’ को बचाने के लिए रेलवे ने पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना है.
इन ट्रेनों के पहियों पर लगा ब्रेक
अगले 72 घंटों तक कई महत्वपूर्ण रूटों पर सन्नाटा पसरा रहेगा. रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में चक्रधरपुर-टाटानगर-खड़गपुर (68010/09/06/11) और टाटानगर-गुआ (68019/20) जैसी दैनिक मेमू सेवाएं शामिल हैं. इसके अलावा, टाटानगर-राउरकेला (68043/44) और झारखंड-ओडिशा को जोड़ने वाली झारसुगुड़ा-हटिया (18176/75) ट्रेनें भी पटरी पर नहीं उतरेंगी. बड़ामपहाड़ और बंगिरिपोसी के बीच चलने वाली स्थानीय पैसेंजर सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी होगी.
घर से निकलने से पहले बरतें सावधानी
हालांकि रेलवे का यह कदम पूरी तरह सुरक्षा पर केंद्रित है, लेकिन इससे दैनिक यात्रियों, विशेषकर मेमू ट्रेनों पर निर्भर रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. रेलवे ने साफ किया है कि यह पाबंदी सिर्फ 9 जनवरी तक के लिए है और हालात सुधरते ही सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले रेलवे पूछताछ या आधिकारिक ऐप पर ट्रेनों की मौजूदा स्थिति का मिलान जरूर कर लें, ताकि स्टेशन पहुँचकर उन्हें मायूस न होना पड़े.
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