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पेटीएम को 16600 करोड़ रुपये के IPO के लिए सेबी की मंजूरी मिली, जानें शेयर बाजार में कब होगी लिस्टिंग!

Updated at : 23 Oct 2021 6:50 AM (IST)
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पेटीएम को 16600 करोड़ रुपये के IPO के लिए सेबी की मंजूरी मिली, जानें शेयर बाजार में कब होगी लिस्टिंग!

Paytm IPO News डिजिटल वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम को 16,600 करोड़ रुपये के आईपीओ (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) से मंजूरी मिल गई है. बता दें कि पेटीएम की मालिक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) एक 11 साल पुरानी फिनटेक कंपनी है.

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Paytm IPO News डिजिटल वित्तीय सेवा कंपनी पेटीएम को 16,600 करोड़ रुपये के आईपीओ (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) से मंजूरी मिल गई है. मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पेटीएम की मालिक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) एक 11 साल पुरानी फिनटेक कंपनी है. जिसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से उसके 16,600 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए मंजूरी मिल गई है.

संभावना जताई जा रही है कि कंपनी इस महीने के अंत तक शेयर बाजार में उतरेगी और वह तेजी से सूचीबद्ध होने के लिए आईपीओ से पहले शेयर बिक्री को छोड़ने की योजना बना रही है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कंपनी द्वारा आईपीओ से पहले धन जुटाने की योजना को छोड़ने का फैसला किसी मूल्यांकन के अंतर से संबंधित नहीं है. पेटीएम 1.47-1.78 लाख करोड़ रुपये का मूल्यांकन चाह रही है. अमेरिका स्थित मूल्यांकन विशेषज्ञ अश्वथ दामोदरन ने फर्म के गैर-सूचीबद्ध शेयरों का मूल्यांकन 2,950 रुपये प्रति शेयर किया है.

कंपनी को ग्राहक और व्यापारी अधिग्रहण एवं नई व्यावसायिक पहल, अधिग्रहण व रणनीतिक साझेदारी में निवेश सहित विकास के लिए आय का उपयोग करने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा. एक रिकॉर्ड जो पहले कोल इंडिया के पास था, जिसने एक दशक पहले 15,000 करोड़ रुपये जुटाए थे. One97 की स्थापना 2000 में विजय शेखर शर्मा ने की थी. इसने एक मूल्य वर्धित सेवा प्रदाता के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और एक ऑनलाइन मोबाइल भुगतान फर्म बनने के लिए वर्षों में विकसित हुई.

कंपनी ने लगभग एक दशक तक वीएएस बाजार में काम किया. इसने 2010 में एक मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म के लॉन्च के साथ अपनी पहली धुरी बनाई. तब तक ग्राहक अपने फोन को ऑफलाइन रिटेलर्स द्वारा रिचार्ज कराने के लिए नकद भुगतान करते थे. उस समय भारत में 90 प्रतिशत से अधिक भारतीय दूरसंचार उपयोगकर्ताओं के पास प्रीपेड कनेक्शन थे. दस साल बाद बाजार ज्यादा नहीं बदला है.

खास बात यह है कि यह वन97 का सार्वजनिक होने का पहला प्रयास नहीं है. 2010 में कंपनी जो तब दूरसंचार ग्राहकों के लिए मूल्य वर्धित सेवाएं (वीएएस) प्रदान करती थी, ने आईपीओ के माध्यम से 120 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण उसे अपनी योजना रद्द करनी पड़ी. पेटीएम वर्तमान में भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान इंटरनेट कंपनी है, जिसका मूल्य पिछली बार 16 बिलियन डॉलर था, जब इसने नवंबर 2019 में टी रो प्राइस, डिस्कवरी कैपिटल और डी1 कैपिटल के नेतृत्व में एक बिलियन डॉलर जुटाए थे.

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