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हावड़ा से सिर्फ 12 घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली, बिहार-यूपी में 160 की स्पीड में दौड़ेगी ट्रेन, जानिए कैसे?

Updated at : 23 Jul 2021 11:00 PM (IST)
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हावड़ा से सिर्फ 12 घंटे में पहुंच जाएंगे दिल्ली, बिहार-यूपी में 160 की स्पीड में दौड़ेगी ट्रेन, जानिए कैसे?

रेल बजट 2016-2017 में घोषित 'मिशन रफ्तार' के एक हिस्से के रूप में हावड़ा-दिल्ली रूट पर यात्री ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है.

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Indian railways latest news : ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रीगण कृपया ध्यान दें. अगर आप हावड़ा से दिल्ली का सफर करते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. अब आप सिर्फ 12 में हावड़ा से दिल्ली पहुंच जाएंगे. इसका कारण यह है कि मिशन रफ्तार के तहत बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सरपट दौड़ेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार, रेल बजट 2016-2017 में घोषित ‘मिशन रफ्तार’ के एक हिस्से के रूप में हावड़ा-दिल्ली रूट पर यात्री ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, ग्रैंड कॉर्ड रेलवे सेक्शन पर ट्रेनों की गति 130 से बढ़कर 160 किमी प्रति घंटे हो जाएगी. मिशन रफ्तार के तहत चल रहे प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली और हावड़ा के बीच का सफर सिर्फ 12 घंटे में तय किया जा सकेगा.

ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए 6,975 करोड़ रुपये खर्च

खबर के अनुसार, करीब 1,500 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कॉर्ड रेल सेक्शन पर इतनी हाईस्पीड पर ट्रेनों को दौड़ाने के लिए बुनियादी ढांचे के सुधार पर अनुमानित 6,975 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. चालू वित्त वर्ष में पूर्व मध्य रेलवे को रखरखाव कार्य के लिए करीब 408 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

सीसीईए ने दो परियोजनाओं को दी थी मंजूरी

वर्ष 2019 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने नई दिल्ली-मुंबई और नई दिल्ली-हावड़ा रूटों पर ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाने के लिए दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है. ये कॉरिडोर भारतीय रेलवे के स्वर्णिम चतुर्भुज का हिस्सा है, जो कुल यात्री यातायात का 52 फीसदी और कुल माल ढुलाई का 58 फीसदी है.

लोकसभा में पीयूष गोयल ने बताई थी रणनीति

तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से वर्ष 2019 में लोकसभा में दिए गए एक लिखित जवाब में कहा गया है कि डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डीईएमयू) और मेन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (एमईएमयू) ट्रेनों के जरिए सवारी रेलगाड़ियों और मालगाड़ियों की स्पीड को बढ़ाने के लिए रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज का निर्माण के साथ ट्रेनों की राइट पावरिंग में सुधार किया जा रहा है.

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Posted by : Vishwat Sen

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