क्या आपके पूर्वजों ने बैंक में छोड़ा है पैसा? ₹73,000 करोड़ के 'खजाने' में ऐसे चेक करें अपना नाम

Updated at : 27 Mar 2026 4:16 PM (IST)
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Unclaimed Deposits

LIC और बैंकों में फंसा है ₹73,000 करोड़ का खजाना (फोटो/Canva)

Unclaimed Deposits: भारतीय बैंकों और बीमा कंपनियों के पास ₹73,000 करोड़ की लावारिस राशि जमा है. RBI ने इसके असली मालिकों की पहचान के लिए 'UDGAM' पोर्टल शुरू किया है. 10 साल से बंद खातों या मैच्योर एफडी का पैसा अब उचित दस्तावेज दिखाकर वापस लिया जा सकता है.

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Unclaimed Deposits: भारत के सरकारी और निजी बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंडों में एक खजाना छिपा है. यह पैसा उन लोगों का है जो अपना खाता भूल गए या जिनके वारिसों को इस जमा पूंजी की जानकारी नहीं है. अब केंद्र सरकार और RBI इस पैसे को असली हकदारों तक पहुँचाने के लिए मिशन मोड में काम कर रहे हैं.

क्या होता है अनक्लेम्ड डिपॉजिट ?

बैंकिंग नियमों के मुताबिक, यदि किसी बचत (Savings) या चालू (Current) खाते में लगातार 10 वर्षों तक कोई लेनदेन (लेन-देन) नहीं होता है, तो उसे ‘अनक्लेम्ड’ घोषित कर दिया जाता है. इसी तरह, FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) मैच्योर होने के 10 साल बाद भी अगर पैसा नहीं निकाला जाता, तो उसे भी इसी श्रेणी में रखा जाता है. बैंक इस लावारिस राशि को RBI के ‘डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस’ (DEA) फंड में ट्रांसफर कर देते हैं. राहत की बात यह है कि असली मालिक या उनके वारिस जरूरी कागजात दिखाकर कभी भी इस पैसे पर अपना दावा कर सकते हैं.

RBI का ‘उद्गम’ (UDGAM) पोर्टल

पहले हर बैंक के चक्कर काटना मुश्किल था, लेकिन अब RBI ने UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information) नाम से एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल शुरू किया है. इस पोर्टल पर आप देश के कई बड़े बैंकों में पड़े लावारिस पैसे की जानकारी एक साथ ले सकते हैं. आपको बस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपना नाम, पैन कार्ड, आधार या मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. सिस्टम तुरंत बता देगा कि आपके या आपके पूर्वजों के नाम पर कोई रकम जमा है या नहीं.

बीमा और म्यूचुअल फंड का पैसा भी है शामिल

सिर्फ बैंक ही नहीं, बल्कि LIC जैसी बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड हाउसों में भी हजारों करोड़ रुपये बिना किसी दावेदार के पड़े हैं. अक्सर पॉलिसी धारक की मृत्यु के बाद परिवार को जानकारी नहीं होती या पता बदलने के कारण मैच्योरिटी का चेक उन तक नहीं पहुंच पाता. बीमा नियामक IRDAI ने सभी कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर विशेष सर्च लिंक देने का निर्देश दिया है, जहाँ आप पॉलिसी नंबर या नाम डालकर अपना अनक्लेम्ड अमाउंट चेक कर सकते हैं.

पैसा वापस पाने का क्या है तरीका ?

यदि पोर्टल पर आपका नाम मिल जाता है, तो पैसा पाने की प्रक्रिया सरल है. आपको संबंधित बैंक की शाखा में जाकर एक ‘क्लेम फॉर्म’ भरना होगा. अपना KYC (आधार, पैन, एड्रेस प्रूफ) जमा करें. यदि आप किसी मृतक के वारिस हैं, तो आपको डेथ सर्टिफिकेट (Death Certificate) और कानूनी वारिस होने का सबूत (Succession Certificate) देना होगा. बैंक आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और वेरिफिकेशन पूरा होते ही ब्याज सहित पूरी रकम आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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