विदेशों में तेल बेचना हुआ महंगा, सरकार ने बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी

Updated at : 27 Mar 2026 1:17 PM (IST)
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Fuel Price Hike

डीजल पर एक्साइज ड्यूटी हुई जीरो (फोटो/Canva)

Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत सरकार ने तेल निर्यात पर ₹21.5 तक की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी है, ताकि घरेलू सप्लाई बनी रहे। साथ ही, आम जनता को राहत देते हुए डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को घटाकर 'शून्य' कर दिया गया है.

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Fuel Price Hike: पश्चिम एशिया (West Asia) के तनाव ने ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की आग लगा दी है. ऐसे में कुछ कंपनियां भारत के सस्ते तेल को विदेशों में महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रही थीं. इसे रोकने के लिए सरकार ने ‘एक्सपोर्ट ड्यूटी’ बढ़ा दी है और आम जनता के लिए ‘एक्साइज ड्यूटी’ घटा दी है.

एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी

सरकार ने साफ कर दिया है कि देश का तेल पहले देश की जनता के काम आएगा. इसलिए बाहर भेजे जाने वाले ईंधन पर टैक्स बढ़ा दिया गया है:

  • डीजल निर्यात: अब प्रति लीटर ₹21.5 का टैक्स लगेगा.
  • हवाई ईंधन (ATF): अब प्रति लीटर ₹29.5 का टैक्स लगेगा.
  • मकसद: तेल कंपनियां सिर्फ मुनाफे के चक्कर में सारा स्टॉक विदेश न भेज दें और देश में किल्लत न हो.

आम आदमी को बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जनता की जेब को राहत देने के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है.

  • पेट्रोल: टैक्स ₹13 से घटाकर सिर्फ ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया.
  • डीजल: टैक्स ₹10 से घटाकर शून्य (NIL) कर दिया गया है.
  • इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का असर सीधे आपकी जेब पर नहीं पड़ेगा.

भारत के पास कितना है ‘बैकअप’?

दुनिया डरी हुई है, लेकिन भारत निश्चिंत है क्योंकि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है.

  • 60 दिनों का पक्का स्टॉक: अगले 2 महीनों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट पहले ही फाइनल हो चुका है.
  • 74 दिन की क्षमता: भारत की कुल स्टोरेज क्षमता 74 दिनों की है, जिसमें जमीन के नीचे बने सुरक्षित भंडार (Strategic Reserves) भी शामिल हैं.
  • 27 दिन बाद भी मजबूती: युद्ध शुरू हुए 27 दिन बीत चुके हैं, फिर भी देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर तेल की कोई कमी नहीं है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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