दुनिया में हाहाकार, भारत में राहत: $100 पार क्रूड के बाद भी देश में क्यों नहीं बढ़े पेट्रोल के दाम ?

Updated at : 27 Mar 2026 12:18 PM (IST)
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Crude Oil-Gas Price

वो 3 बड़े कारण, जिन्होंने भारत को बचाया (फोटो/Canva)

Crude 100 Dollar Impact: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल पार कर गई हैं, जिससे अमेरिका और यूरोप में पेट्रोल 20% तक महंगा हो गया है. इसके विपरीत, भारत में कीमतें स्थिर हैं. जानें वजह.

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Crude 100 Dollar Impact: जहां अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों में पेट्रोल की कीमतें 10% से 25% तक बढ़ गई हैं, वहीं भारत दुनिया की इकलौती बड़ी अर्थव्यवस्था है जहाँ तेल के दाम 0% (स्थिर) बने हुए हैं. जब दुनिया ईंधन संकट से जूझ रही है, भारत ने एक ‘सुरक्षा कवच’ तैयार कर लिया है.

देशपेट्रोल की कीमत में बढ़ोत्तरी (%)हालत
कनाडा~25%सबसे बुरा हाल
अमेरिका~20%तेज उछाल
जर्मनी / इटली~15%भारी बढ़ोत्तरी
चीन / जापान~10%सरकारी कंट्रोल के बावजूद बढ़त
भारत0% (स्थिर)मजबूत पकड़

वो 3 बड़े कारण, जिन्होंने भारत को बचाया

  • 70 दिनों का ‘बैकअप’ प्लान (बफर स्टॉक): भारत के पास अपने ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ और तेल कंपनियों के स्टॉक को मिलाकर लगभग 70 से 74 दिनों का तेल जमा है. यानी अगर दुनिया में सप्लाई रुक भी जाए, तो भारत ढाई महीने तक बिना किसी परेशानी के चल सकता है. यह स्टॉक अचानक आने वाले झटकों के खिलाफ ‘शॉक एब्जॉर्बर’ का काम करता है.
  • रूस से ‘दोस्ती’ और सस्ता तेल: जब दुनिया महंगे तेल से परेशान थी, भारत ने रूस से डिस्काउंट (सस्ते दाम) पर भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा. इस सस्ते तेल ने भारतीय तेल कंपनियों (OMCs) की जेब में इतना मुनाफा जमा कर दिया कि अब $100 पार होने पर भी वे उस पुराने मुनाफे के दम पर जनता को महंगा तेल नहीं बेच रही हैं.
  • सरकार और तेल कंपनियों की ‘जुगलबंदी’: सरकार ने एक गणित लगाया है जब तेल सस्ता था, सरकार ने टैक्स (Excise Duty) बढ़ाकर पैसा जमा किया. अब जब क्रूड $100 पार है, सरकार ने टैक्स घटा दिया है ताकि आम आदमी पर बोझ न पड़े. तेल कंपनियां भी अपनी जेब से इस बढ़ी हुई लागत को झेल रही हैं ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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