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सेबी चीफ को फिर हड़का रही हिंडनबर्ग, चुप्पी पर उठाई सवाल

Updated at : 12 Sep 2024 3:38 PM (IST)
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SEBI Chief Madhabi Puri Buch

सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच.

Hindenburg Research: हिंडनबर्ग रिसर्च ने 11 अगस्त 2024 को आरोप लगाया था कि माधबी पुरी बुच ने पहले भी एक विदेशी कोष में निवेश किया था, जिसका इस्तेमाल अदाणी ग्रुप द्वारा भी किया गया था. माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने इन आरोपों से इनकार किया था.

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Hindenburg Research: अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च सेबी चीफ माधबी पुरी बुच को फिर से हड़का रही है. उसने अपने नए आरोपों पर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) चीफ की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. हिंडनबर्ग रिसर्च ने सेबी चीफ माधबी पुरी बुच की अनुचित व्यवहार, हितों के टकराव और बाजार नियामक के सदस्य के रूप में कार्य करते हुए कंपनियों से भुगतान स्वीकार करने के नए आरोपों को लेकर चुप्पी पर सवाल उठाया है. समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंडनबर्ग ने जनवरी, 2023 में अदाणी ग्रुप पर स्थानीय बाजार नियमों से बचने के लिए टैक्स पनाहगाह क्षेत्रों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. शॉर्ट सेलर कंपनी ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि अदाणी ग्रुप के खिलाफ धीमी जांच के पीछे बाजार नियामक सेबी चीफ माधबी पुरी बुच के पिछले निवेश और सौदे हो सकते हैं.

कांग्रेस ने भी माधबी पुरी बुच पर लगाए कई आरोप

अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से सेबी चीफ माधबी पुरी बुच और अदाणी ग्रुप ने इनकार कर दिया था, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने हाल के दिनों में सेबी चीफ के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं. उसने कहा है कि एक ऐसी कंपनी में 99% शेयर रखना (जो आज तक सक्रिय रूप से सलाहकार और परामर्श सेवाएं प्रदान कर रही है) और उनके पति धवल बुच द्वारा उन कंपनियों से आमदनी करना अनुचित है, जिनका निर्णय उनके द्वारा किया जा रहा था.

सेबी चीफ ने एनबीएफआईडी के कॉन्क्लेव से किया किनारा

सेबी चीफ माधबी पुरी बुच ने अभी तक हिंडनबर्ग रिसर्च के नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. वह गुरुवार को मुंबई में एनबीएफआईडी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव में जाने वाली थीं, लेकिन उन्होंने बाद में वहां जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया. बुच सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित थीं.

हिंडनबर्ग ने एक्स पर लगाए

हिंडनबर्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पुराना ट्विटर) पर लिखा कि नए आरोप सामने आए हैं कि निजी परामर्श कंपनी ने सेबी द्वारा विनियमित कई सूचीबद्ध कंपनियों से सेबी पूर्णकालिक सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भुगतान स्वीकार किया, जिसका 99% स्वामित्व सेबी चीफ माधबी बुच के पास है. इन कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, डॉ. रेड्डीज और पिडिलाइट शामिल हैं. हिंडनबर्ग ने कहा कि इसमें कहा गया है कि ये आरोप बुच की भारतीय परामर्शदाता इकाई पर लागू होते हैं, जबकि बुच की सिंगापुर स्थित इकाई के बारे में अभी तक कोई विवरण नहीं दिया गया है. उसने कहा कि बुच ने सभी उभरते मुद्दों पर हफ्तों तक पूरी तरह से चुप्पी बनाए रखी है.

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हिंडनबर्ग रिसर्च ने 11 अगस्त 2024 को लगाया था आरोप

हिंडनबर्ग रिसर्च ने 11 अगस्त 2024 को आरोप लगाया था कि माधबी पुरी बुच ने पहले भी एक विदेशी कोष में निवेश किया था, जिसका इस्तेमाल अदाणी ग्रुप द्वारा भी किया गया था. माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने इन आरोपों से इनकार किया था. इसके बाद से कांग्रेस और जी ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने उन पर आरोप लगाए हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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