बेरोजगारी में हरियाणा टॉप और राजस्थान दूसरे स्थान पर, जानें भारत में कितने बढ़े बेरोजगार

Updated at : 02 Jan 2023 2:49 PM (IST)
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बेरोजगारी में हरियाणा टॉप और राजस्थान दूसरे स्थान पर, जानें भारत में कितने बढ़े बेरोजगार

टीमलीज सर्विसेज की सह-संस्थापक ने कहा कि जन्म दर और मृत्यु दर और आर्थिक समृद्धि के प्रमुख संकेतकों को देखते हुए भारत के लिए चिंताजनक संभावनाओं में से एक तथ्य यह है कि श्रमबल में हमारी वृद्धि धीमी हो सकती है. कुछ ऐसा ही चीन या यूरोप और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में हुआ है.

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मुंबई : भारत में बेरोजगारी दर दिसंबर, 2022 में बढ़कर 8.3 फीसदी के उच्चस्तर पर पहुंच गई है. यह 2022 में बेरोजगारी दर का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. सबसे बड़ी बात यह है कि बेरोजगारी के मामले में हरियाणा पूरे भारत भर में टॉप पर है, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान और दिल्ली तीसरे स्थान पर है. इसके बाद बिहार और झारखंड क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में बेरोजगारी की दर आठ फीसदी थी, जबकि सितंबर में यह सबसे कम 6.43 फीसदी थी. वहीं, अगस्त में यह 8.28 फीसदी पर थी, जो इस साल का दूसरा सबसे ऊंचा आंकड़ा है. दिसंबर में शहरी बेरोजगारी दर 10 फीसदी थी. वहीं, ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.5 फीसदी थी.

हरियाणा में सबसे अधिक बेरोजगारी

आंकड़ों के अनुसार, राज्यों की बात करें, तो दिसंबर में सबसे ऊंची 37.4 फीसदी की बेरोजगारी दर हरियाणा में थी. उसके बाद राजस्थान (28.5 फीसदी), दिल्ली (20.8 फीसदी), बिहार (19.1 फीसदी) और झारखंड (18 फीसदी) का नंबर आता है. टीमलीज सर्विसेज की सह-संस्थापक और कार्यकारी उपाध्यक्ष रितुपर्णा चक्रवर्ती ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए कहा कि सीएमआईई बेरोजगारी रिपोर्ट बुरी और अच्छी खबर का एक ‘दिलचस्प गुलदस्ता’ है.

श्रमबल वृद्धि में आ सकती है कमी

टीमलीज सर्विसेज की सह-संस्थापक ने कहा कि जन्म दर और मृत्यु दर और आर्थिक समृद्धि के प्रमुख संकेतकों को देखते हुए भारत के लिए चिंताजनक संभावनाओं में से एक तथ्य यह है कि श्रमबल में हमारी वृद्धि धीमी हो सकती है. कुछ ऐसा ही चीन या यूरोप और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में हुआ है. चक्रवर्ती ने कहा कि जनसांख्यिकीय लाभ निकट भविष्य में संभवत: अपने अंतिम सिरे पर पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि संगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन कितना जरूरी है, तभी हम रोजगार बाजार में समावेशन सुनिश्चित कर सकते हैं.

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दिसंबर में नए रोजगार के अवसर का सृजन नहीं

वहीं, सीआईईएल एचआर सर्विसेज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा कि दिसंबर में नए रोजगार के कोई उल्लेखनीय अवसर नहीं सृजित किए गए. उन्होंने कहा कि सितंबर-दिसंबर के दौरान त्योहारी सीजन की वजह से उपभोक्ता सामान, वाहन और वित्तीय सेवा क्षेत्र में रोजगार के काफी अवसर बने. इनके लिए नियुक्तियां अगस्त-सितंबर में की गईं. मुद्रास्फीतिक दबाव की वजह से निर्माण, इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं बढ़ पाए हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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