दिसंबर में 15 फीसदी बढ़ा GST, सरकारी खजाने में आए 1.49 लाख करोड़ रुपये, लगातार 10वें महीने बना रिकॉर्ड
Published by : Pritish Sahay Updated At : 01 Jan 2023 9:41 PM
GST Collection: दिसंबर 2022 में सालाना आधार पर राजस्व संग्रह 15 फीसदी अधिक है. पिछले साल इसी अवधि में जीएसटी कलेक्शन 1.30 लाख करोड़ रुपये रहा था. दिसंबर 2022 में वस्तुओं के आयात से राजस्व आठ फीसदी बढ़ा.
GST Collection: वस्तु एवं सेवा कर (GST) बीते महीने दिसंबर 2022 में सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़ गया है. इस बढ़ोतरी के बाद जीएसटी कलेक्शन 1.49 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया. वित्त मंत्रालय की और से आज यानी रविवार को इसकी जानकारी दी गई. बता दें, यह लगातार 10वां महीना है जब राजस्व 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है. नवंबर में जीएसटी संग्रह करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये था. लगातार हो रहे इजाफे से बेहतर कर अनुपालन के अलावा विनिर्माण में सुधार के साथ-साथ खपत में तेजी का भी संकेत मिलता है.
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा दिसंबर 2022 के दौरान जमा ग्रॉस जीएसटी रेवेन्यू 1,49,507 करोड़ रुपये है. इसमें सीजीएसटी (CGST) 26,711 करोड़ रुपये, एसजीएसटी (SGST) 33,357 करोड़ रुपये, आईजीएसटी (IGST) 78,434 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर जमा किए गए 40,263 करोड़ रुपये के साथ) और उपकर 11,005 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर जमा किए गए 850 करोड़ रुपये के साथ) हैं.
रेवेन्यू कलेक्शन सालाना आधार पर 15 फीसदी अधिक: बीते साल यानी दिसंबर 2022 में सालाना आधार पर राजस्व संग्रह 15 फीसदी अधिक है. पिछले साल इसी अवधि में जीएसटी कलेक्शन 1.30 लाख करोड़ रुपये रहा था. दिसंबर 2022 में वस्तुओं के आयात (Import) से राजस्व (Revenue) आठ फीसदी बढ़ा. वहीं, घरेलू लेनदेन से राजस्व सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़ा.
👉 Rs 1,49,507 crore GST Revenue collected for December 2022, records increase of 15% Year-on-Year
👉 Monthly GST revenues more than Rs 1.4 lakh crore for 10 straight months in a row
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— Ministry of Finance (@FinMinIndia) January 1, 2023
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घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व में 18 फीसदी की वृद्धि: गौरतलब है कि दिसंबर लगातार 10वां महीना रहा जब जीएसटी रेवेन्यू 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है. नवंबर 2022 में 7.9 करोड़ ई-वे बिल जारी किए गए जो अक्टूबर 2022 के 7.6 करोड़ ई-वे बिल से काफी अधिक था. इसी कड़ी में डेलॉइट इंडिया के पार्टनर एमएस मणि ने कहा, घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व में 18 फीसदी की वृद्धि ई-वे बिल जारी करने में बढ़ोतरी और प्रमुख विनिर्माता एवं खपत वाले राज्यों के जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि को जता रहा है.
भाषा इनपुट से साभार
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By Pritish Sahay
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