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EPF खातों में अगस्त तक कर्मचारियों का अंशदान जमा कराती रहेगी सरकार, मगर शर्तें लागू

Updated at : 08 Jul 2020 6:40 PM (IST)
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EPF खातों में अगस्त तक कर्मचारियों का अंशदान जमा कराती रहेगी सरकार, मगर शर्तें लागू

EPFO/EPF contributions news : देश के 72 लाख से अधिक कर्मचारियों (Employers) और उनके नियोक्ताओं (Employees) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान सरकार ने जिन कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों (EPF accounts) में उनके अंशदान (EPF contributions) को देने का ऐलान किया था, उसे तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. यानी आगामी अगस्त महीने तक सरकार कर्मचारियों के पीएफ खातों में कर्मचारियों और नियोक्ता के हिस्से का अंशदान जमा कराती रहेगी, लेकिन इसके लिए सरकार ने पहले ही शर्तें (Conditions) निर्धारित कर रखी हैं.

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EPFO/EPF contributions news : देश के 72 लाख से अधिक कर्मचारियों (Employers) और उनके नियोक्ताओं (Employees) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान सरकार ने जिन कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों (EPF accounts) में उनके अंशदान (EPF contributions) को देने का ऐलान किया था, उसे तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. यानी आगामी अगस्त महीने तक सरकार कर्मचारियों के पीएफ खातों में कर्मचारियों और नियोक्ता के हिस्से का अंशदान जमा कराती रहेगी, लेकिन इसके लिए सरकार ने पहले ही शर्तें (Conditions) निर्धारित कर रखी हैं.

सरकार पर कुल 4,860 करोड़ रुपये का बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ : केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसार मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने बुधवार को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत ईपीएफ योगदान में कर्मचारियों और नियोक्ताओं को दी जाने वाली राहत की समयसीमा को तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत, सरकार अगले तीन और महीने यानी अगस्त महीने तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खातों में अंशदान जमा कराना जारी रखेगी, जो कुल मिलाकर 24 फीसदी (12 फीसदी कर्मचारियों का अंशदान+12 फीसदी नियोक्ताओं का अंशदान) होगा. सरकार जून, जुलाई और अगस्त के लिए भी अंशदान जमा कराएगी. उन्होंने बताया कि इसमें कुल 4,860 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है और इस कदम से 72 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा.

क्या है सरकार की शर्त : बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में कोराना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के दौरान मई महीने में आर्थिक पैकेज का ऐलान करते समय पीएफ के मोर्चे पर कर्मचारियों और कंपनियों को यह राहत दी थी. उन्होंने कहा था कि यह उन संस्थाओं के लिए है, जिनके पास 100 कर्मचारी तक मौजूद हैं और इनमें से 90 फीसदी कर्मचारी 15 हजार रुपये से कम तनख्वाह एक महीने में पाते हैं.

सरकार की दूसरी शर्त : आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत पीएफ खातों में अंशदान जमा कराने से राहत देने को लेकर सरकार ने एक और शर्त तय कर रखी है. इस दूसरी शर्त के तहत सरकार की यह योजना उन कर्मचारियों पर लागू होगी, जो पीएम गरीब कल्याण योजना और उसके विस्तार के तहत 24 फीसदी का ईपीएफ सपोर्ट नहीं ले रहे हों. इसका मकसद कर्मचारियों की घर ले जाने वाली सैलरी को बढ़ाना और नियोक्ताओं को पीएफ बकाया के भुगतान के मोर्चे पर राहत देना है.

सरकार ने घटायी अंशदान की राशि : आर्थिक पैकेज का ऐलान करते हुए मोदी सरकार ने राहत देने के लिए एक और बड़ा फैसला किया था. सरकार ने संस्थानों और कर्मचारियों के लिए अगले तीन महीने तक ईपीएफ योगदान को 12-12 फीसदी से घटाकर 10-10 फीसदी कर दिया था. सरकारी कंपनियों के लिए यह 12-12 फीसदी ही रहेगा. इससे 6,750 करोड़ रुपये का लिक्विडटी सपोर्ट मिलेगा.

Also Read: अगले तीन महीने तक EPF खातों में नियोक्ता और कर्मचारियों के हिस्से की रकम डालेगी सरकार, शर्त रहेगी ये…

Posted By : Vishwat Sen

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