384 दवाएं हो सकती हैं महंगी, पेट्रोल के बाद अब दवाइयों पर महंगाई की चोट
Published by : Abhishek Pandey Updated At : 22 May 2026 10:41 AM
Medicine Price Hike : बीमारों की जेब पर एक और बड़ा झटका लगने वाला है. मिडिल ईस्ट (ईरान युद्ध) के तनाव के चलते देश में पेरासिटामोल और एंटीबायोटिक्स समेत 384 जरूरी दवाओं के दाम बढ़ सकते हैं.
Medicine Price Hike : महंगे पेट्रोल-डीजल और राशन के बाद अब आम जनता को दवाओं के मोर्चे पर भी एक बड़ा झटका लगने जा रहा है. केंद्र सरकार देश में इस्तेमाल होने वाली 384 आवश्यक दवाओं (Essential Medicines) की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
इसमें बुखार की आम दवा पेरासिटामोल से लेकर कई जरूरी एंटीबायोटिक्स और दिल की बीमारियों की दवाएं शामिल हैं. ‘मिंट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो बड़े सरकारी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस समय नेशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA), औषधि विभाग और वाणिज्य मंत्रालय के बीच इन दवाओं के दाम बढ़ाने को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है.
दवाओं के दाम बढ़ने की असली वजह क्या है?
दवाओं की कीमतों में इस संभावित बढ़ोतरी के पीछे भी पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी ईरान युद्ध ही है.
- रॉ मैटेरियल का संकट: कई तरह की दवाएं बनाने के लिए पेट्रोकेमिकल्स से बने कच्चे माल (रॉ मैटेरियल) की जरूरत होती है. युद्ध के चलते इस जरूरी सामान की सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हो गई है.
- लागत में भारी इजाफा: सप्लाई रुकने और सामान महंगा होने के कारण फार्मा कंपनियों के लिए दवाओं को बनाने की लागत (उत्पादन लागत) बहुत ज्यादा बढ़ गई है. इसी वजह से दवा इंडस्ट्री ने सरकार के सामने दाम बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, जिसकी सरकार समीक्षा कर रही है.
अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि यह बढ़ोतरी हमेशा के लिए नहीं होगी. जैसे ही ईरान युद्ध खत्म होगा और कच्चे माल की सप्लाई दोबारा पटरी पर लौटेगी, वैसे ही इन दवाओं के दाम फिर से कम कर दिए जाएंगे.
कौन-कौन सी दवाएं होंगी महंगी ?
इस बढ़ोतरी का असर उन दवाओं पर पड़ेगा जो रोजाना हजारों-लाखों मरीजों द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं.
| दवा का नाम | किस बीमारी में आती है काम? |
| Paracetamol (पेरासिटामोल) | बुखार और हर तरह के बदन दर्द से राहत के लिए |
| Amoxicillin (अमोक्सिसिलिन) | बैक्टीरियल इन्फेक्शन (संक्रमण) के इलाज में |
| Azithromycin (एजिथ्रोमाइसिन) | गले, फेफड़ों के इन्फेक्शन और अन्य गंभीर संक्रमणों में |
| Amlodipine (एम्लोडिपिन) | हाई ब्लड प्रेशर (BP) और दिल की बीमारियों के लिए |
| Atorvastatin (एटोरवास्टेटिन) | शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए |
| Dexamethasone (डेक्सामेथासोन) | शरीर की सूजन और कई गंभीर बीमारियों के इलाज में |
| Ascorbic Acid (एस्कॉर्बिक एसिड) | विटामिन C की कमी को पूरा करने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए |
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अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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