जंग के बीच सोने-चांदी में ‘महा-गिरावट’: 28 दिन में ₹15,000 सस्ता हुआ सोना, चांदी भी ₹41,000 टूटी

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Gold Silver Price

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)

Gold-Silver Price: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है. मुनाफावसूली और नकद (Cash) की बढ़ती मांग के चलते 24 कैरेट सोना ₹1.44 लाख और चांदी ₹2.25 लाख प्रति किलो पर आ गई है.

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Gold-Silver Price: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के बावजूद भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में कमी देखी जा रही है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,490 घटकर ₹1.44 लाख पर आ गई है.

गौर करने वाली बात यह है कि इसी साल 29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख के अपने ‘ऑल-टाइम हाई’ पर पहुंच गया था, लेकिन वहां से अब तक इसमें ₹32,000 की भारी गिरावट आ चुकी है. पिछले 28 दिनों के युद्ध काल में ही सोने के दाम ₹15,382 कम हुए हैं, जो निवेशकों के लिए काफी चौंकाने वाला रुझान है.

चांदी की कीमतों में भारी ‘क्रैश’ (Silver Rate Today)

चांदी के बाजार में गिरावट का मंजर सोने से भी ज्यादा डरावना है, जहां कीमतें बहुत तेजी से नीचे गिरी हैं. एक किलो चांदी की कीमत में ₹9,114 की ताजी कटौती के बाद अब यह ₹2.25 लाख के स्तर पर आ गई है. यदि हम इसके उच्चतम स्तर से तुलना करें, तो 29 जनवरी को चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के ऐतिहासिक शिखर पर थी.

पिछले 57 दिनों के भीतर चांदी ₹1.60 लाख तक सस्ती हो चुकी है, जबकि अकेले पिछले 28 दिनों में इसमें ₹41,000 का बड़ा क्रैश देखा गया है. यह गिरावट औद्योगिक मांग में कमी और बड़े निवेशकों द्वारा बाजार से दूरी बनाने का परिणाम मानी जा रही है.

गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा

आमतौर पर युद्ध या वैश्विक अस्थिरता के समय सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार निवेशकों का व्यवहार बदला हुआ है. मिडिल ईस्ट में जारी अनिश्चितता के कारण लोग जोखिम भरे एसेट्स (Metals) को बेचकर ‘कैश’ (Liquidity) इकट्ठा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि संकट के समय उनके पास तुरंत खर्च करने योग्य पैसा रहे.

इसके अलावा, जनवरी में आई रिकॉर्ड तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर ‘प्रॉफिट बुकिंग’ शुरू कर दी, जिससे बाजार में सप्लाई अचानक बढ़ गई. साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर अपनाए गए सख्त रुख ने भी कीमती धातुओं की चमक कम कर दी है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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