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FPI ने चुनाव के बाद की मजबूत वापसी, 21 जून तक शेयरों में 12,170 करोड़ रुपये का निवेश

Updated at : 24 Jun 2024 10:51 AM (IST)
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FPI ने चुनाव के बाद की मजबूत वापसी, 21 जून तक शेयरों में 12,170 करोड़ रुपये का निवेश

लोकसभा चुनाव के बाद विदेशी निवेशकों की शेयर बाजार में मजबूत वापसी. फोटो: सोशल मीडिया

FPI: डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, ताजा निवेश के बाद 2024 में एफपीआई की शेयरों से 21 जून 2024 तक निकासी 11,194 करोड़ रुपये रही है. हालांकि आम चुनाव के नतीजे एक तरह से आश्चर्यचकित करने वाले थे, लेकिन बाजार स्थिर सरकार के गठन का जश्न मना रहा है.

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FPI: 18वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार में मजबूत वापसी की है. उन्होंने 21 जून 2024 में तक शेयरों में करीब 12,170 करोड़ रुपये का निवेश किया है. नीतिगत मोर्चे पर निरंतरता और सतत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद में एफपीआई का भारतीय शेयर बाजारों के प्रति आकर्षण बढ़ा है. इससे पहले मई में चुनावी नतीजों को लेकर अनिश्चितता के बीच एफपीआई ने शेयरों से 25,586 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी. वहीं, मॉरीशस के साथ भारत की कर संधि में बदलाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि की चिंताओं के बीच उन्होंने अप्रैल में शेयरों से 8,700 करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाली थी.

21 जून तक FPI ने 11,194 करोड़ रुपये की निकासी की

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, ताजा निवेश के बाद 2024 में एफपीआई की शेयरों से 21 जून 2024 तक निकासी 11,194 करोड़ रुपये रही है. मोजोपीएमएस के मुख्य निवेश अधिकारी सुनील दमानिया ने कहा कि फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के उच्च मूल्यांकन के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का प्रवाह प्रभावित रहेगा. फिडेलफोलियो के स्मॉलकेस प्रबंधक और संस्थापक किसलय उपाध्याय ने कहा कि हालांकि आम चुनाव के नतीजे एक तरह से आश्चर्यचकित करने वाले थे, लेकिन बाजार स्थिर सरकार के गठन का जश्न मना रहा है. मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि इसके अलावा वृद्धि को समर्थन देने वाले बजट की उम्मीद से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है. आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने कर्ज या बॉन्ड बाजार में 10,575 करोड़ रुपये डाले हैं.

3 कंपनियों का मार्केट कैप 1.06 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

सेंसेक्स की टॉप 10 सबसे में से तीन कंपनियों के मार्केट कैप में पिछले सप्ताह सामूहिक रूप से 1,06,125.98 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को सबसे अधिक फायदा हुआ. पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 217.13 अंक या 0.28 फीसदी चढ़ गया. पिछले सप्ताह जहां एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इन्फोसिस के मार्केट कैप में उछाल आया, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी के मार्केट कैप में गिरावट आई. इन कंपनियों की बाजार हैसियत सामूहिक रूप से 1,01,769.1 करोड़ रुपये घट गई.

52,091.56 करोड़ रुपये बढ़ा एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप

पिछले सप्ताह में एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 52,091.56 करोड़ रुपये बढ़कर 12,67,056.69 करोड़ रुपये हो गया. आईसीआईसीआई बैंक ने सप्ताह के दौरान 36,118.99 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे इसका मार्केट कैप 8,13,914.89 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इन्फोसिस की बाजार हैसियत 17,915.43 करोड़ रुपये बढ़कर 6,35,945.80 करोड़ रुपये हो गई.

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रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में गिरावट

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 32,271.31 करोड़ रुपये घटकर 19,66,686.57 करोड़ रुपये रह गया. एलआईसी के मार्केट कैप में 27,260.74 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और यह 6,47,616.51 करोड़ रुपये पर आ गया. आईटीसी का 14,357.43 करोड़ रुपये घटकर 5,23,858.91 करोड़ रुपये पर और हिंदुस्तान यूनिलीवर का 8,904.95 करोड़ रुपये के नुकसान से 5,73,617.46 करोड़ रुपये रह गया. टीसीएस की बाजार हैसियत 8,321.6 करोड़ रुपये घटकर 13,78,111.45 करोड़ रुपये रह गई. भारती एयरटेल के मूल्यांकन में 7,261.72 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 8,04,262.65 करोड़ रुपये रह गया. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार पूंजीकरण 3,391.35 करोड़ रुपये घटकर 7,46,454.54 करोड़ रुपये पर आ गया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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