1 जून से बदल रहे हैं नियम: टैक्स में राहत, क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा खर्च और UPI बनेगा सुरक्षित; देखें पूरी लिस्ट

Published by : Abhishek Pandey Updated At : 31 May 2026 1:57 PM

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New Rules Change

Financial Rule Changes : 1 जून से बदल रहे हैं पैसों से जुड़े ये 5 बड़े नियम! टैक्स छूट, क्रेडिट कार्ड के चार्जेस, यूपीआई सिक्योरिटी और सेबी के नए मार्जिन नियमों का सीधा असर आपके बजट पर पड़ेगा.

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Financial Rule Changes : नया महीना आपके पैसों के लेन-देन, कमाई, बचत और खर्च के तरीकों में कई बड़े बदलाव लेकर आ रहा है. चाहे आप नौकरीपेशा (Salaried) हों, टैक्स भरते हों, शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते हों या फिर रोजमर्रा के भुगतानों के लिए यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते हों, आपके लिए इन बदलावों को जानना बेहद जरूरी है. आइए देखते हैं कि इन नए नियमों का सीधा असर आपके बजट पर कैसा पड़ने वाला है:

एडवांस टैक्स की डेडलाइन और पुरानी व्यवस्था में बड़ी राहत

जिन टैक्सपेयर्स की अनुमानित टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक है, उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने एडवांस टैक्स की पहली किस्त 15 जून तक जमा करनी होगी. इस तारीख तक कुल टैक्स का कम से कम 15% हिस्सा चुकाना अनिवार्य है. यह पहली बार है जब यह किस्त नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत जमा होगी. देरी करने पर हर महीने 1% का अतिरिक्त ब्याज लगेगा.

  • पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में बड़ी छूट: ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले कर्मचारियों को सरकार ने बड़ी राहत दी है.
  • हॉस्टल भत्ता: टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह कर दी गई है.
    चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस: अब ₹3,000 प्रति बच्चा प्रति माह की टैक्स छूट मिलेगी (पहले यह केवल ₹100 थी).
    HRA में फायदा: बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों को अब 50% एचआरए (HRA) छूट वाली लिस्ट में शामिल कर लिया गया है.

यूपीआई (UPI) पेमेंट्स और EPFO

  • सत्यापित नाम (Verified Name) फीचर: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए नया फीचर लाया है. अब जब आप किसी का क्यूआर कोड स्कैन करेंगे या मोबाइल नंबर डालकर पैसे भेजेंगे, तो स्क्रीन पर बैंक खाते में दर्ज उस व्यक्ति का असली सत्यापित नाम दिखाई देगा. पीएफ (PF) निकालना होगा आसान: ईपीएफओ (EPFO) अब यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा का परीक्षण (Testing) कर रहा है, जिससे कर्मचारियों को आपातकाल में बहुत तेजी से उनका पैसा मिल सकेगा.

क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए नियम

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों के लिए यह महीना थोड़ा जेब ढीली करने वाला साबित हो सकता है.

  • कोटक महिंद्रा बैंक: यूटिलिटी बिल, ईंधन (Fuel) और रेंट पेमेंट जैसे खर्चों पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की लिमिट तय कर दी गई है. साथ ही, किराए या शिक्षा (Education) के भुगतान पर 1% का अतिरिक्त शुल्क लगेगा.
  • अमेजन पे ICICI कार्ड: 18 जून से इस कार्ड के जरिए किराया (Rent) चुकाने पर मिलने वाला 1% का रिवॉर्ड बेनिफिट पूरी तरह बंद हो रहा है.
  • बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB): 23 जून से ‘वन को-ब्रांडेड’ क्रेडिट कार्ड पर बकाया राशि (Outstanding) की ब्याज दर 3.49% से बढ़ाकर 3.75% प्रति माह की जा रही है.
  • HDFC बैंक (SMS अलर्ट नियम): 25 जून से ग्राहकों को केवल ₹100 से ऊपर के यूपीआई भुगतान और ₹500 से ज्यादा की यूपीआई प्राप्ति पर ही एसएमएस (SMS) अलर्ट मिलेंगे. हालांकि, सभी छोटे-बड़े लेनदेन की जानकारी ईमेल पर आती रहेगी.

शेयर बाजार: F&O ट्रेडर्स के लिए सेबी का 50:50 मार्जिन नियम

फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट में ट्रेडिंग करने वालों के लिए सेबी (SEBI) का 50:50 मार्जिन नियम अब पूरी तरह अनिवार्य हो गया है. इस नियम के तहत, ट्रेडर्स को अपने कुल ट्रेडिंग मार्जिन का कम से कम 50% हिस्सा नकद (Cash) या उसके समान लिक्विड साधनों में रखना होगा. अब आप केवल अपने पास मौजूद शेयरों (Shares) को गिरवी (Pledge) रखकर पूरा मार्जिन हासिल नहीं कर पाएंगे.

घर में सोलर लगवाना होगा थोड़ा महंगा

स्वच्छ ऊर्जा (Green Energy) अपनाने वाले उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू हो गया है. अब सरकारी सब्सिडी या नेट मीटरिंग वाले सभी सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल एएलएमएम (ALMM) सूची में शामिल प्रमाणित सोलर मॉड्यूल का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा. यह नियम घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है, लेकिन इसके कारण शुरुआती दौर में घरों में सोलर सिस्टम लगवाने की लागत थोड़ी बढ़ सकती है.

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लेखक के बारे में

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अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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