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Coronavirus outbreak की वजह से भारत में 2 फीसदी घट सकती है आर्थिक वृद्धि की रफ्तार

Updated at : 11 Mar 2020 8:30 PM (IST)
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Coronavirus outbreak की वजह से भारत में 2 फीसदी घट सकती है आर्थिक वृद्धि की रफ्तार

Coronavirus outbreak की वजह से भारत की आर्थिक वृद्धि यानी जीडीपी ग्रोथ में 2 फीसदी तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. ब्रिटेन की एक ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज ने बुधवार को चेतावनी दी है.

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मुंबई : भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ब्रिटेन की ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज ने बुधवार को चेतावनी दी कि लोगों के एकांत में रहने जैसे निवारक उपायों के चलते आर्थिक वृद्धि में दो फीसदी तक की कमी हो सकती है. अर्थव्यवस्था पहले ही दबाव का समाना कर रही है. बार्कलेज ने अपनी टिप्पणी में कहा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी और इसके प्रभाव के चलते वृद्धि में आधा फीसदी तक मजबूती का अनुमान है.

भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और मंगलवार तक इनकी संख्या बढ़कर 61 हो गयी है. ताजा मामले पुणे और बेंगलुरु से सामने आए हैं. इस महामारी से पहले ही सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आर्थिक वृद्धि दर दशक में सबसे कम पांच फीसदी तक आ गयी है.

बार्कलेज ने कोरोना वायरस से भारत पर होने वाले असर के बारे में कहा कि हमारा मानना है कि वृद्धि के लिए सबसे बड़ा जोखिम लोगों के जमा होने पर रोक या आवाजाही की पाबंदी और संबंधित उपभोक्त व्यय, निवेश और सेवा गतिविधियों में कमी के कारण है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे निवेश गतिविधियां प्रभावित होंगी और निवारक उपायों के चलते वृद्धि को कुल दो फीसदी तक झटका लग सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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