Personal Data Protection Bill: पहली बार सभी जेंडर्स के लिए She और Her, जानें अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 19 Nov 2022 12:30 PM
यदि आप Personal Data Protection Bill पर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहते हैं तो 17 दिसंबर तक आपकी राय जानने के लिए यह ओपन है. जानें अश्विनी वैष्णव ने क्या किया ट्वीट
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2022 के मसौदे की चर्चा इनदिनों की जा रही है. इस सबंध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर कुछ जानकारी दी है. उनके द्वारा कहा गया है कि “she” और “her” हर जेंडर के लिए यूज किया जाता रहा है. इस बिल के संबंध में एक लिंक केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा साझा किया गया है. आपको बता दें कि वक्त बदल रहा है और धीरे-धीरे ‘पुरुष प्रधान’ समाज में महिलाओं को भी हक दिया जाने लगा है. प्रस्तावित बिल डेटा प्रोटेक्शन बिल के स्थान पर लाया जाएगा, जिसे सरकार ने इस साल अगस्त में वापस ले लिया था.
केंद्र सरकार के द्वारा जो पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल (Personal Data Protection Bill) का ड्राफ्ट शेयर किया है, उसमें जेंडर के लिए सभी जगह She या Her शब्द का इस्तेमाल किया गया है. अब तक He या His शब्दों का ही देखा गया था. इस ड्राफ्ट बिल के व्याख्या खंड (Interpretation section) पर नजर डालें तो इसमें कहा गया है कि इस अधिनियम में किसी भी व्यक्ति के लिए सभी जेंडर्स के लिए सर्वनाम “her” और “she” का यूज किया गया है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्विटर पर मसौदा विधेयक शेयर किया है और प्रस्तावित कानून पर राय मांगी है. यदि बिल कानून बन जाता है, तो यह भारत में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण पर लागू होगा. जो ड्राफ्ट शेयर किया गया है उसमें यह बताया गया है कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल एक ऐसा कानून है जो एक ओर जहां नागरिकों (डिजिटल नागरिक) के अधिकारों और कर्तव्यों को तय करता है तो वहीं दूसरी ओर डेटा फिड्यूशरी के कानूनी रूप से एकत्रित डेटा के यूज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है.
Seeking your views on draft Digital Personal Data Protection Bill, 2022.
Link below: https://t.co/8KfrwBnoF0
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) November 18, 2022
संस्थाओं को देश के बाहर नागरिक के व्यक्तिगत डेटा को स्थानांतरित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी, जहां किसी भी कानूनी दावे को लागू करने के लिए व्यक्तिगत डेटा की जरूरत होगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत जानकारी में सात सिद्धांतों को सूचीबद्ध किया गया है, जिन पर बिल बेस्ड है. यदि आप इसपर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहते हैं तो 17 दिसंबर तक आपकी राय जानने के लिए यह ओपन है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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