अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत हुई आधी, फिर भी कट रही है आपकी जेब, जानें क्यों

crude oil in international market: अंतराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन भारत के लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है.
crude oil in international market: अंतराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चे तेल के दाम जनवरी के बाद से अब तक करीब 64 डॉलर से घटकर 32 डॉलर प्रति बैरल हो चुके हैं लेकिन इसका ज्यादा फायदा ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा है. क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना तय किये जाते हैं, इस वजह से 11 जनवरी से 14 मार्च के बीच पेट्रोल की खुदरा कीमत 76.01 से घटकर 69.75 और डीजल का 69.17 से घटकर 62.44 रुपये हो गयी है. जानकारों के अनुसार मौजूदा वित्तीय हालात में बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के लिए जरूरी राशि जुटाने के लिए इस अतिरिक्त बढ़ोतरी का उपयोग सरकार करेगी.
पेट्रोल कीमतों में रविवार को 12 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गयी. वहीं डीजल के दाम 14 पैसे प्रति लीटर घटाये गये. पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने वैश्विक कीमतों में गिरावट के रुख अनुरूप पेट्रोल-डीजल के दाम घटाये हैं. सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की अधिसूचना के अनुसार दिल्ली में अब पेट्रोल का दाम 69.75 रुपये प्रति लीटर और डीजल 62.44 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है.
उद्योग सूत्रों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती कहीं ऊंची रहती, लेकिन सरकार ने शनिवार को ईंधन पर उत्पाद शुल्क में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है. पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि वे खुदरा कीमतों में कटौती कम रख रही हैं, क्योंकि इन पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है. इन कंपनियों ने कहा कि उन्हें जो लाभ हुआ है उसे मूल्य वृद्धि के साथ समायोजित किया गया है. उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी की वजह से ऐसा करना जरूरी है.
सरकार ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की. इससे सरकार को 39,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर विशेष उत्पाद शुल्क दो रुपये बढ़ाकर आठ रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. वहीं डीजल पर यह शुल्क दो रुपये बढ़कर अब चार रुपये प्रति लीटर हो गया है. इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला सड़क उपकर भी एक-एक रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इस वृद्धि के बाद पेट्रोल पर अब उपकर सहित सभी तरह का उत्पाद शुल्क 22.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 18.83 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
नरेंद्र मोदी सरकार ने जब पहली बार 2014 में सत्ता संभाली थी उस समय पेट्रोल पर कर की दर 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर थी. सरकार ने नवंबर, 2014 से जनवरी, 2016 के दौरान पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में नौ बार बढ़ोतरी की है. इन 15 माह की अवधि के दौरान पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 11.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13.47 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया. इससे 2016-17 में सरकार का उत्पाद शुल्क संग्रह 2014-15 के 99,000 करोड़ रुपये से दोगुना से अधिक होकर 2,42,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
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By अमिताभ कुमार
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