Credit Card Interest-Free Period: क्या आप भी क्रेडिट कार्ड का धड़ल्ले से करते हैं इस्तेमाल? जान लें 45 दिन के इंटरेस्ट-फ्री खेल

समझदारी से क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने से आप ब्याज से बच सकते हैं.
Credit Card Interest-Free Period: क्रेडिट कार्ड का 45 दिन का इंटरेस्ट-फ्री फायदा जितना आसान लगता है, असल में उतना है नहीं. क्या सही में हर खर्च पर पूरे 45 दिन मिलते हैं? क्या सिर्फ मिनिमम अमाउन्ट भरने से भी ब्याज नहीं लगता है? ज्यादातर युवा इन सवालों का जवाब जाने बिना क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल धड़ल्ले करते हैं और बाद में भारी बिल देखकर परेशान हो जाते हैं. इस आर्टिकल में समझिए कि क्रेडिट कार्ड की बिलिंग डेट कैसे काम करती है, ब्याज कब लगता है और किन छोटी गलतियों से पूरा फायदा खत्म हो जाता है. अगर आप चाहते हैं कि क्रेडिट कार्ड आपके लिए एक सुविधा बने न की बोझ तो इसे अंत तक जरूर पढ़ें.
Credit Card Interest-Free Period: आजकल क्रेडिट कार्ड हर किसी की जेब में मिल जाता है, खासकर युवाओं की. एक स्वाइप किया और पेमेंट हो गया, वो भी बिना जेब से पैसे निकाले. इसी सुविधा के साथ एक लाइन सबसे ज्यादा सुनने को मिलती है कि क्रेडिट कार्ड पर 45 दिन तक कोई ब्याज नहीं लगता है. यही बात लोगों को सबसे ज्यादा अट्रैक्ट करती है. लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह फायदा हर खर्च पर मिलता है और क्या सच में यह इतना आसान है जितना दिखने में लगता है. हकीकत यह है कि एक छोटी सी गलती पूरे 45 दिन के फायदे को पल भर में खत्म कर सकती है. अगर आप भी क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं या करने की सोच रहे हैं, तो इन नियमों को समझना बहुत जरूरी है, वरना जो सुविधा लगती है वही धीरे-धीरे महंगी आदत भी बन सकती है.
क्या हर खर्च पर पूरे 45 दिन मिलते हैं?
नहीं, हर खर्च पर पूरे 45 दिन नहीं मिलते हैं. हर क्रेडिट कार्ड की एक तय बिलिंग डेट होती है. मान लीजिए आपकी बिलिंग डेट हर महीने की 5 तारीख को है. अगर आप 6 तारीख को कार्ड से खर्च करते हैं, तो वह खर्च अगले महीने के बिल में आएगा. ऐसे में आपको ज्यादा दिन मिल जाते हैं. लेकिन अगर आप 3 या 4 तारीख को खर्च करते हैं, तो वही खर्च तुरंत आने वाले बिल में जुड़ जाता है. तब आपके पास भुगतान के लिए बहुत कम समय बचता है. इसलिए खर्च करने की तारीख बहुत मायने रखती है.
पूरा बिल नहीं चुकाया तो क्या होगा?
यह सबसे जरूरी बात है की अगर आपने पूरे बिल की रकम नहीं चुकाई और सिर्फ मिनिमम अमाउन्ट चुकाया है, तो इंटरेस्ट-फ्री का फायदा वहीं खत्म हो जाता है. बैंक पूरे बकाया अमाउंट पर ब्याज लगाता है. यह ब्याज खरीदारी की तारीख से गिना जाता है. इसके साथ GST और लेट फी भी जुड़ जाती है. इस वजह से छोटा सा खर्च भी बड़ा बोझ बन सकता है.
फिर भी क्रेडिट कार्ड फायदेमंद क्यों है?
अगर आप पूरा बिल समय पर चुका देते हैं, तो क्रेडिट कार्ड बहुत काम का है. इससे आप बिना ब्याज के कुछ दिनों का समय पा सकते हैं. सैलरी आने तक खर्च संभालना आसान हो जाता है. सही इस्तेमाल करने पर यह उधार नहीं, बल्कि एक सुविधा बन जाता है.
आखिर ध्यान किस बात का रखना चाहिए?
अपनी बिलिंग डेट याद रखें. हमेशा पूरा बिल समय पर भरें. कैश निकालने से बचें, क्योंकि उस पर ब्याज तुरंत लगता है. अगर ये आदतें बना लीं, तो क्रेडिट कार्ड आपके लिए एक मदद बनेगा न की नुकसान बनेगा.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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