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CMIE Report: आम जनता के खर्च में बड़ा बदलाव, शराब-हेल्थ-गाड़ी पर खुलकर खर्च कर रहे भारतीय

Updated at : 17 Jun 2025 1:13 PM (IST)
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CMIE REPORT

CMIE Report: सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अब कपड़ों से ज्यादा शराब, गाड़ियों और हेल्थ पर खर्च कर रहे हैं. 2023-24 में शराब पर 26% ज्यादा खर्च हुआ, गाड़ियों की खरीद बढ़ी और हेल्थ पर 18.75% अधिक खर्च किया गया.

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CMIE Report: देश के आम लोगों के खर्च करने के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. सीएमआईई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अब कपड़ों की तुलना में शराब पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं. 2023-24 में देश में कुल 1.20 लाख करोड़ रुपये शराब पर खर्च किए गए, जबकि कपड़ों पर 7.29 लाख करोड़ रुपये. हालांकि कपड़ों पर खर्च में गिरावट दर्ज की गई है, पिछले वर्ष यानी 2022-23 में यह 7.60 लाख करोड़ रुपये था. वहीं शराब पर खर्च में 26 फीसदी का इजाफा हुआ है—2022-23 में यह 0.95 लाख करोड़ रुपये था.

अपनी गाड़ी खरीदने में बढ़ी दिलचस्पी

रिपोर्ट यह भी बताती है कि खुद की गाड़ी खरीदने में लोगों की रुचि बढ़ रही है. 2022-23 में जहां गाड़ियों पर 2.64 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 3.26 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसके मुकाबले सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर खर्च 14.32 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.50 लाख करोड़ रुपये हुआ है. यानी निजी गाड़ियों पर खर्च का अनुपात तेज़ी से बढ़ा है.

सेहत पर बढ़ रहा है ध्यान

लोगों में हेल्थ को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है. हेल्थ से जुड़ी सेवाओं पर खर्च में 18.75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. यह खर्च 2022-23 के 8.48 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 10.07 लाख करोड़ रुपये हो गया है. हालांकि इंश्योरेंस प्रीमियम में मामूली गिरावट आई है—1.77 लाख करोड़ रुपये से घटकर 1.71 लाख करोड़ रुपये.

खाने-पीने पर बढ़ता खर्च, महंगाई का असर

खाद्य वस्तुओं पर खर्च में भी 8.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2023-24 में कुल खर्च का 28 फीसदी यानी 5.15 लाख करोड़ रुपये खाद्य वस्तुओं पर गया. महंगाई के चलते सब्जी, फल, दालें, दूध, अंडे, चीनी जैसी चीजों के दाम बढ़े हैं, जिससे कुल खर्च भी बढ़ा है.

डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता

मनोरंजन पर खर्च में हल्की गिरावट के बावजूद इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर खर्च में 8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. डिजिटल कनेक्टिविटी में आई तेजी से यह इजाफा हुआ है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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