ePaper

Byju's की बढ़ी परेशानी, एक और यूनिट पर लटकी तलवार, बैंकरप्सी के लिए पहुंचा कोर्ट

Updated at : 02 Feb 2024 2:53 PM (IST)
विज्ञापन
Byjus Layoffs

Byjus Layoffs

Byju's: फरवरी के पहले सप्ताह में Byju's की अमेरिकी यूनिट ने बैंकरप्सी के लिए Delaware कोर्ट में याचिक दायर की है. कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार कंपनी की वर्तमान कुल ऐसेट करीब 500 मिलियन डॉलर से एक बिलियन डॉलर के बीच है.

विज्ञापन

Byju’s: बायजू के फाउंडर रविंद्रन (Raveendran) की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. हाल ही में, उन्होंने वेतन का भुगतान करने के लिए अपने परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाले घर और अचल संपत्तियों को गिरवी रखकर धन जुटाया था. इसके बाद, जनवरी में उनकी कंपनी देश के सबसे ज्यादा घाटा वाले स्टॉर्ट अप की लिस्ट में पहले नंबर पर पहुंच गयी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब फरवरी के पहले सप्ताह में Byju’s की अमेरिकी यूनिट ने बैंकरप्सी के लिए Delaware कोर्ट में याचिक दायर की है. कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार कंपनी की वर्तमान कुल ऐसेट करीब 500 मिलियन डॉलर से एक बिलियन डॉलर के बीच है. कंपनी ने अपनी 1 बिलियन डॉलर से 10 बिलियन डॉलर के बीच की देनदारियों को सूचीबद्ध किया है.

Also Read: BYJU’s Loss: सबसे ज्यादा घाटा वाली स्टॉर्ट-अप बन गयी बायजू, जानें क्यों फेल हुई कंपनी

तेज शुरूआत के बाद क्यों टूट गयी कंपनी

दिग्गज टेक कंपनियों की लिस्ट में शुमार बायजू को उस वक्त तेज झटका लगा जब इसकी कर्जदाताओं के एक समूह ने दिवालिया की कार्यवाही की शुरूआत की. हालांकि, कंपनी ने अपना हौसला दिखाते हुए पिछले कुछ महीनों के दौरान करीब 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज भुगतान की कोशिश भी की. लेकिन उसे इसमें सफलता नहीं मिल पायी. इधर कंपनी ने घोषणा की है कि वो 200 मिलियन डॉलर का फंड जुटाएंगी. कंपनी ने बताया कि वो ये पैसे राइट्स इश्यू के जरिए इक्कठा करेगी. बायजू इन पैसो को अपनी उधारी चूकाने और अन्य खर्च के लिए इस्तेमाल करेगी. इसका साथ ही, कंपनी तेजी से अपने खर्च कम करने पर काम कर ही है. कुछ महीनों के दौरान हजारों की संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की गयी है. हालांकि, कंपनी पर आये संकट में कोई खास अंतर देखने को नहीं मिला.

फाउंडर्स को हटाने का भेजा नोटिस

संकटों के बीच कंपनी के फाउंडर के ऊपर गंभीर परेशानी के बादल छा गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, बायजू की मदर कंपनी के छह शेयर धारकों ने कंपनी के फाउंडर को ही हटाने का प्रस्ताव भेज दिया है. इन शेयरधारकों के पास कंपनी की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है. जिन लोगों ने नोटिस भेजा है उसमें जनरल अटलांटिक, पीक एक्सवी, सोफिना, चान जुकरबर्ग, सैंड्स और Owl शामिल है.

विज्ञापन
Madhuresh Narayan

लेखक के बारे में

By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola