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बजट से उम्मीदें: भोजन का अधिकार अभियान-नरेगा वॉच ने झारखंड के वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन, कही ये बातें

Updated at : 09 Jan 2023 4:24 PM (IST)
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बजट से उम्मीदें: भोजन का अधिकार अभियान-नरेगा वॉच ने झारखंड के वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन, कही ये बातें

स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हर दिन अंडा, 2500 रुपये प्रति माह की बढ़ी हुई दर पर सभी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ग्रीन कार्ड धारकों को खाद्यान्न राशन की नियमित आपूर्ति और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी बच्चों को मातृत्व लाभ के विस्तार की मांग की गयी है.

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भोजन का अधिकार अभियान (झारखंड) और नरेगा वॉच ने झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव को बजट से पहले एक ज्ञापन सौंपा है. इसमें सरकार के वादों की याद दिलायी गयी है. कई अहम बिंदुओं पर सरकार को सुझाव भी दिये गये हैं. दोनों संस्थाओं ने सोमवार (9 जनवरी 2023) को राज्य के वित्त मंत्री को यह ज्ञापन सौंपा है.

वित्त मंत्री से की गयी ये मांग

इसमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हर दिन अंडा, 2500 रुपये प्रति माह की बढ़ी हुई दर पर सभी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ग्रीन कार्ड धारकों को खाद्यान्न राशन (5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह) की नियमित आपूर्ति और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उल्लंघन मामले में) सभी बच्चों को मातृत्व लाभ के विस्तार की मांग की गयी है.

सरकार को दिलायी वादों की याद, जो आज भी हैं अधूरे

भोजन का अधिकार अभियान और नरेगा वॉच के अशर्फी नंद प्रसाद, जेम्स हेरेंज, ज्यां द्रेज, परन अमिताभ और तारामनी साहू ने झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव को संबोधित इस पत्र में लिखा है कि वर्ष 2023-24 के बजट की प्रत्याशा में हम आपको झारखंड सरकार के कुछ अधूरे वादों की याद दिलाने के लिए यह पत्र लिख रहे हैं. इस पत्र में जिन बिंदुओं का जिक्र किया गया है, उसमें स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हर दिन अंडा पहले नंबर पर है.

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आंगनबाड़ी केंद्रों में हर दिन मिले बच्चों को अंडा

वित्त मंत्री को सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि स्कूलों में उपस्थिति की निराशाजनक दर को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हर दिन बच्चों को अंडा दिया जाये. इसके साथ एक 42 पेज की रिपोर्ट भी सौंपी गयी है, जिसमें बताया गया है कि झारखंड के स्कूलों की दशा कैसी है. बच्चों को कैसा भोजन मिलता है, स्कूलों में उपस्थिति कैसी है. स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गयी है.

बढ़ी हुई पेंशन योजना का लाभ सभी लोगों को मिले

इसी ज्ञापन में कहा गया है कि 2,500 रुपये प्रति माह की बढ़ी हुई दर पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन का विस्तार सभी लोगों के लिए किया जाये. भोजन का अधिकार मंच (झारखंड) और नरेगा वॉच ने कहा है कि हाल ही में पेंशन कवरेज का विस्तार हुआ है, लेकिन अभी तक सभी लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है. अभी भी लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में सिर्फ 1,000 रुपये का ही भुगतान हो रहा है.

ग्रीन कार्ड धारकों को नियमित राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करे सरकार

ग्रीन कार्ड धारकों को नियमित खाद्यान्न आपूर्ति की भी मांग इन दोनों संस्थाओं ने राज्य के वित्त मंत्री से की है. इसमें कहा गया है कि हाल के महीनों में ग्रीन कार्ड कोटा में अंतहीन रुकावटें आयीं हैं. यह योजना के उद्देश्य को पराजित करता है. सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी ग्रीन कार्ड धारकों को 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति माह खाद्यान्न राशन की आपूर्ति नियमित रूप से होती रहे.

पीएमएमवीवाई का किया जाये विस्तार

इसके साथ ही यह भी मांग की है कि अगर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का कहीं उल्लंघन होता है, तो ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत सभी बच्चों के लिए मातृत्व लाभ का विस्तार किया जाये. इसके लिए ओड़िशा में चल रही ममता योजना के जैसी राज्य मातृत्व लाभ योजना की जरूरत होगी, जो बेहतर काम कर रही है.

ऐप-आधारित उपस्थिति प्रणाली का झारखंड सरकार करे विरोध

नरेगा वॉच की ओर से कहा गया है कि नरेगा, जिसे एनएमएमएस कहा जाता है, के लिए केंद्र सकार ने नयी ऐप-आधारित उपस्थिति प्रणाली विकसित की है. इस प्रणाली ने झारखंड में तबाही मचा रखी है. इस व्यवस्था का विरोध किया जाना चाहिए और इसे खारिज कर दिया जाना चाहिए.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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