Health Budget 2024 : आशा वर्कर भी पाएंगी आयुष्मान योजना का फायदा, जानें और क्या बदला

Published by : Pritish Sahay Updated At : 01 Feb 2024 1:11 PM

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New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman and other officials outside the Finance Ministry ahead of the presentation of Interim Budget 2024, in New Delhi, Thursday, Feb. 1, 2024. (PTI Photo/ Manvender Vashist Lav)(PTI02_01_2024_000138A)

Budget 2024 Updates: संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी सेविकाओं और हेल्पर्स को भी कवर किया जाएगा.

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Budget 2024 Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी गुरुवार को संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य देखभाल के दायरे में सभी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लाने की घोषणा की है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है. यह योजना माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए हर साल प्रति परिवार पांच लाख रुपये का कवरेज देता है.

पिछले साल 27 दिसंबर तक इस योजना के दायरे में 12 करोड़ परिवारों के 55 करोड़ लोग थे. अपने बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को पर्याप्त और समय पर वित्तपोषण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि लखपति दीदी योजना को सरकार बढ़ावा देगी. इसे 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ किया जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि बीते 10 सालों में महिलाओं को 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण दिए गए हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि पीएम आवास के तहत 70 फीसदी घर महिलाओं को दिए गए हैं. पीएम संपदा योजना से 38 लाख किसानों को लाभ हुआ है. 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगाई जाएगी.

5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्कीम के तहत जो लोग योजना के पात्र है उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है. पात्र परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड मिलता है. इस कार्ड की सहायता से सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभुक पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं. पूरे देश में 13 हजार से ज्यादा सरकारी और निजी अस्पतालों में आयुष्मान गोल्डन कार्ड से इलाज कराया जा सकता है.

किन रोगों में मिलती है सहायता

गौरतलब है कि आयुष्मान योजना के तहत कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित करीब 1500 बीमारियों का इलाज मुफ्त में लाभुक करा सकते हैं. इस योजना के तहत पुरानी और नई सभी बीमारियां को शामिल किया गया है. इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि यह पेपरलेस होने के साथ-साथ कैशलेस भी है. इसका मतलब है कि आयुष्मान कार्ड धारक को केवल अस्पताल में कार्ड दिखाने की जरूरत होती है. लाभुकों को अस्पताल में न तो कोई कागजात जमा करने की जरूरत होती है और न ही पैसा.

केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र

गौरतलब है कि आज यानी गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. इस बजट में आगामी तीन महीने तक के खर्च का लेखा जोखा रखा गया है. अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की कई उपलब्धियों का जिक्र किया है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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