बैंक दिवालिया होने पर अब ₹5 लाख से अधिक मिलेगा बीमा कवर, सरकार जल्द ले सकती है फैसला

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Bank Deposit Insurance

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Bank Deposit Insurance: वित्त मंत्रालय ₹5 लाख की मौजूदा बैंक डिपॉजिट बीमा सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। यह प्रस्ताव 2025 के अंत तक लागू हो सकता है। उद्देश्य है खाताधारकों को ज्यादा वित्तीय सुरक्षा देना, विशेषकर बैंक विफलता की स्थिति में.

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Bank Deposit Insurance: केंद्र सरकार बैंक खाताधारकों को एक और राहत देने की तैयारी में है. वित्त मंत्रालय वर्तमान में बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले बीमा कवर की सीमा को ₹5 लाख से अधिक करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है. यह बीमा कवर किसी बैंक के विफल होने की स्थिति में खाताधारकों को गारंटीड सुरक्षा देता है.

₹5 लाख की सीमा को बढ़ाने की चर्चा

वर्तमान में, यदि कोई बैंक दिवालिया हो जाता है, तो एक खाताधारक को अधिकतम ₹5 लाख तक की राशि की सुरक्षा मिलती है. यह सीमा 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी है, जिसे इससे पहले 27 वर्षों तक ₹1 लाख पर स्थिर रखा गया था. उस समय यह फैसला पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC) संकट के बाद लिया गया था.

अब, बदलते समय और ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए, इस सीमा को और अधिक करने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, वित्त मंत्रालय ने अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. यह भी अनुमान है कि इस प्रस्ताव को वर्ष 2025 के अंत तक अंतिम रूप दिया जा सकता है.

किसके अधीन होता है बीमा कवर?

डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) देशभर के बैंकों में जमा धनराशि पर बीमा सुरक्षा देती है. यह संस्था सभी बैंकों से एक निर्धारित प्रीमियम वसूलती है—वर्तमान में ₹100 जमा राशि पर 0.12%. यही राशि बीमा कवरेज के भुगतान में काम आती है.

2023-24 में DICGC ने सहकारी बैंकों से संबंधित ₹1,432 करोड़ के दावों का निपटारा किया. इसी अवधि में बीमा प्रीमियम से ₹23,879 करोड़ की राशि प्राप्त की गई. फिलहाल, भारत में कुल 1,996 बैंक DICGC के तहत बीमित हैं.

हाल की घटनाओं ने बढ़ाई सतर्कता

हाल ही में, रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर प्रतिबंध लगाते हुए उस पर नए ऋण देने और जमा निकासी पर रोक लगा दी थी. इस प्रकार की घटनाएं यह साबित करती हैं कि खाताधारकों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए बीमा सीमा बढ़ाने की आवश्यकता है.

क्या कहते हैं अधिकारी?

वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजु ने फरवरी 2025 में कहा था कि बीमा सीमा बढ़ाने पर विचार हो रहा है, और यह प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजे जाने के बाद ही लागू किया जाएगा.

बैंक बंद होने पर मुझे कितना पैसा मिलेगा?

यदि आपका बैंक बंद हो जाता है, तो DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) द्वारा आपको आपकी जमा राशि में से अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमा सुरक्षा मिलती है. यह सीमा बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा (FD), पुनरावर्ती जमा (RD) सभी प्रकार की जमाओं पर कुल मिलाकर लागू होती है.

बैंक से एक बार में कितना पैसा निकलेगा?

सामान्य स्थिति में आप अपने खाते से बैंक द्वारा तय लिमिट के अनुसार राशि निकाल सकते हैं. लेकिन अगर बैंक पर RBI द्वारा प्रतिबंध लग जाता है, तो आप DICGC की सीमा तक, यानी अधिकतम ₹5 लाख तक ही अपनी जमा राशि निकाल सकते हैं — और वह भी बीमा दावे के बाद.

बैंक बंद होने पर क्या आपको अपना पैसा वापस मिलता है?

हां, अगर आपका बैंक RBI द्वारा दिवालिया घोषित कर दिया जाता है या उस पर कार्यवाही होती है, तो DICGC द्वारा ₹5 लाख तक की जमा राशि वापस की जाती है. यह रकम कुछ समय बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी होने पर आपके खाते में ट्रांसफर की जा��ी है. यदि आपकी जमा ₹5 लाख से ज्यादा है, तो अतिरिक्त राशि वापस पाने के लिए आपको बैंक के परिसमापन (liquidation) प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ता है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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Frequently Asked Questions

यदि आपका बैंक बंद हो जाता है, तो DICGC (Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) द्वारा आपको आपकी जमा राशि में से अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमा सुरक्षा मिलती है. यह सीमा बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा (FD), पुनरावर्ती जमा (RD) सभी प्रकार की जमाओं पर कुल मिलाकर लागू होती है.