अपोलो के टायर्स 300 से 2,000 रुपये तक हो जाएंगे सस्ते, कंपनी ने बताई बड़ी वजह

अपोलो टायर्स की कीमतों में 22 सितंबर से कमी आएगी.
GST Impact: अपोलो टायर्स 22 सितंबर से अपने उत्पादों की कीमतों में 300 से 2,000 रुपये तक की कटौती करेगी. नई जीएसटी दरों के अनुसार यात्री कार टायर में 300-1,500 रुपये और ट्रक-बस रेडियल टायर में लगभग 2,000 रुपये की छूट मिलेगी. कंपनी का कहना है कि यह मूल्य समायोजन सभी उत्पाद खंडों पर लागू होगा और ग्राहकों को सीधे लाभ पहुंचाएगा. इससे वाहन स्वामित्व और संचालन लागत में कमी आएगी, जिससे वाहन संचालक, किसान और रोजमर्रा के चालक समान रूप से फायदा उठाएंगे.
GST Impact: देश में अपोलो के टायर्स सस्ते होने वाले हैं. अपोलो टायर्स ने बुधवार को घोषणा की कि 22 सितंबर से कंपनी अपने टायर उत्पादों की कीमतों में बड़ी कटौती करेगी. इस कदम के पीछे मुख्य वजह नई जीएसटी दरों में कमी है. नई दरों के अनुसार, कंपनी यात्री और वाणिज्यिक वाहनों के टायरों पर 300 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक की छूट सीधे ग्राहकों को देगी. इस कदम से न केवल वाहन मालिकों की लागत कम होगी, बल्कि कृषि और वाणिज्यिक क्षेत्रों में भी व्यापक लाभ पहुंचने की संभावना है.
जीएसटी में कटौती का असर
जीएसटी परिषद ने हाल ही में नए न्यूमेटिक टायर पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर 28% से घटाकर 18% कर दी है. इसके अलावा, ट्रैक्टर टायर और ट्यूब पर जीएसटी की दर घटाकर केवल 5% कर दी गई है. यह कटौती सीधे ग्राहकों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है. अपोलो टायर्स ने स्पष्ट किया कि यह नीति कंपनी की मूल्य निर्धारण रणनीति में बदलाव लाएगी और इस बदलाव का पूरा लाभ ग्राहकों को दिया जाएगा. कंपनी ने यह भी कहा कि नई कीमतें सभी उत्पाद खंडों पर लागू होंगी, ताकि सभी ग्राहक वर्गों को समान रूप से लाभ मिल सके.
टायर कीमतों में कटौती का विवरण
अपोलो टायर्स के बयान के अनुसार, अलग-अलग प्रकार के टायरों पर कीमतों में इस तरह की कमी होगी.
- यात्री वाहनों के टायर: 300 से 1,500 रुपये तक की कटौती
- ट्रक और बस के रेडियल टायर: लगभग 2,000 रुपये की कटौती
इससे यह स्पष्ट है कि सभी प्रकार के वाहन टायरों पर ग्राहकों को फायदा होगा. यात्री कारों के मालिक छोटी मात्रा में बचत महसूस करेंगे, जबकि वाणिज्यिक वाहनों के संचालकों को बड़ी राशि की बचत होगी.
सभी उत्पाद खंडों पर प्रभाव
अपोलो टायर्स के उपाध्यक्ष (वाणिज्यिक) (भारत, सार्क और दक्षिण पूर्व एशिया) राजेश दहिया ने कहा कि संशोधित मूल्य निर्धारण सभी उत्पाद खंडों पर लागू होगा. इसका मतलब है कि केवल यात्री कार टायर ही नहीं, बल्कि वाणिज्यिक वाहन टायर, कृषि टायर और दोपहिया वाहन टायर पर भी मूल्य कटौती लागू होगी. इस कदम से यह स्पष्ट है कि अपोलो टायर्स ने देशभर के सभी ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए व्यापक रणनीति अपनाई है.
ग्राहक और वाहन चालकों के लिए लाभ
राजेश दहिया ने कहा कि कीमत में कटौती से वाहन स्वामित्व और संचालन लागत में कमी आएगी. यह पहल विशेष रूप से उन किसानों, वाणिज्यिक वाहन संचालकों और रोजमर्रा के वाहन चालकों के लिए फायदेमंद होगी, जिन्हें ईंधन, रखरखाव और टायर लागत जैसी नियमित खर्चों का सामना करना पड़ता है. कंपनी का मानना है कि नई कीमतों के लागू होने से ग्राहकों की खरीद क्षमता बढ़ेगी और टायर उद्योग में प्रतिस्पर्धा भी स्वस्थ रहेगी.
वितरण नेटवर्क के साथ समन्वय
अपोलो टायर्स ने यह भी बताया कि देशभर में नए मूल्य निर्धारण ढांचे के निर्बाध कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कंपनी अपने वितरण नेटवर्क के साथ मिलकर काम कर रही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी क्षेत्रों में ग्राहक नई कीमतों का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें. कंपनी का वितरण नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मूल्य कटौती का असर तुरंत दिखे.
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ग्राहकों को मिलेगी बड़ी राहत
22 सितंबर से प्रभावी नई जीएसटी दरों के तहत अपोलो टायर्स की यह कीमतों में कटौती ग्राहकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी. यात्री, वाणिज्यिक और कृषि सभी प्रकार के टायरों पर कीमतों में गिरावट से वाहन संचालकों, किसानों और रोजमर्रा के वाहन चालकों को लाभ मिलेगा. कंपनी की यह पहल ग्राहकों के खर्च को कम करने के साथ-साथ भारतीय टायर उद्योग में प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित करेगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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