गाय पालो, कमाई बढ़ाओ! योगी सरकार से पाओ 10 लाख रुपये तक की सहायता

Amrit Dhara Yojana
Amrit Dhara Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने गाय पालन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए "अमृत धारा योजना" शुरू की है.
Amrit Dhara Yojana: योगी सरकार उत्तर प्रदेश में गाय पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. राज्य सरकार का उद्देश्य न केवल छुट्टा गोवंश का संरक्षण करना है, बल्कि प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देना है. इसी दिशा में, वर्ष 2024-25 के बजट में सरकार ने गोवंश संरक्षण के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसी क्रम में अमृत धारा योजना भी लागू की गई है, जिसके तहत पशुपालकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है.
क्या है अमृत धारा योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार ने गाय पालन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए “अमृत धारा योजना” शुरू की है. इस योजना के तहत:
- दो से दस गाय पालने पर सरकार 10 बैंकों के जरिए 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराएगी.
- तीन लाख रुपये तक के ऋण पर किसी गारंटर की आवश्यकता नहीं होगी.
- इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.
इस पहल का उद्देश्य छुट्टा गोवंश के संरक्षण के साथ-साथ जैविक खेती को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
योगी सरकार रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए गोवंश आधारित कृषि को प्राथमिकता दे रही है. प्राकृतिक खेती में गाय के गोबर और मूत्र का उपयोग खाद और जैविक कीटनाशक के रूप में किया जाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण भी संरक्षित रहता है.
इससे पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन से आय होगी और साथ ही जैविक खाद व कीटनाशक बेचकर अतिरिक्त मुनाफा भी होगा. इस प्रकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है.
गोवंश संरक्षण के लिए अन्य योजनाएं
गोआश्रयों की स्थापना और वित्तीय सहायता: योगी सरकार ने निराश्रित गोवंश के लिए कई गोआश्रय केंद्र स्थापित किए हैं. इन केंद्रों के संचालन के लिए सरकार प्रति पशु वित्तीय सहायता भी देती है. 2024-25 के बजट से पहले 1001 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी इस योजना के लिए जारी किया गया था.
मिनी नंदिनी योजना: इस योजना का उद्देश्य गायों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है. इसके तहत:
- गौशालाओं और पशुपालकों को विशेष अनुदान दिया जाता है.
- गोबर और मूत्र को व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाने के लिए सरकार स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चला रही है.
मनरेगा के तहत पशुपालकों को सुविधाएं: मनरेगा के अंतर्गत गाय पालकों को कम लागत पर कैटल शेड, पशु बाड़ा और गोबर गैस प्लांट स्थापित करने की सुविधा दी जा रही है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार भी सृजित होगा.
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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