सिविलियन पेंशनर्स के लिए भी 'वन रैंक वन पेंशन' ? आयोग के सामने NC-JCM ने रखीं ये 5 बड़ी शर्तें

सांकेतिक तस्वीर (फोटो : Canva)
8th Pay Commission: NC-JCM (National Council-Joint Consultative Machinery) ने 8वें वेतन आयोग को 51 पन्नों का मांग पत्र सौंपा है. इसमें पेंशन को सैलरी का 67% करने, सिविलियन वन रैंक वन पेंशन लागू करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.833 करने जैसी महत्वपूर्ण सिफारिशें शामिल हैं.
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन से पहले नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और विशेष रूप से पेंशनभोगियों के लिए एक व्यापक मांग पत्र सौंपा है.
कमेटी ने सशस्त्र बलों की तर्ज पर सिविलियन (नागरिक) पेंशनभोगियों के लिए भी वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना लागू करने की मांग की है. इसका मतलब है कि एक ही पद से रिटायर होने वाले सभी कर्मचारियों को समान पेंशन मिलेगी, चाहे वे कभी भी रिटायर हुए हों.
पेंशन राशि में बड़ी बढ़ोतरी
पेंशन का प्रतिशत: वर्तमान में पेंशन अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Salary) का 50% होती है. कमेटी ने इसे बढ़ाकर 67% करने का प्रस्ताव दिया है.
कम्युटेशन बहाली: वर्तमान में कम्यूट की गई पेंशन 15 साल बाद बहाल होती है, जिसे घटाकर 11 से 12 साल करने की मांग की गई है ताकि रिटायर लोगों को जल्दी वित्तीय राहत मिल सके.
फिटमेंट फैक्टर और एरियर
कमेटी ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों दोनों के लिए 3.833 का एक समान फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) मांगा है. साथ ही, यह सिफारिश की गई है कि पेंशनभोगियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर का भुगतान किया जाए.
ग्रेच्युटी और अन्य भत्तों में सुधार
रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाभों को लेकर भी ज्ञापन में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:
- ग्रेच्युटी की गणना: अभी ग्रेच्युटी की गणना महीने के 30 दिनों के आधार पर होती है, जिसे 25 कार्य दिवसों के आधार पर करने का सुझाव दिया गया है.
- कैप हटाना: ग्रेच्युटी पर लगी वेतन की 16.5 गुना की अधिकतम सीमा (Cap) को हटाने की मांग की गई है.
- आयु आधारित वृद्धि: उम्र के आधार पर मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन में 5% की वृद्धि का प्रस्ताव है.
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की साझी मांगें
ज्ञापन में कुछ ऐसी मांगें भी शामिल हैं जो वर्तमान कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों, दोनों को प्रभावित करती हैं.
| श्रेणी | प्रमुख मांग |
| पेंशन योजना | NPS/UPS को वापस लेना और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना. |
| स्वास्थ्य सेवाएं | सरकारी स्वास्थ्य कवर (CGHS आदि) के तहत सुविधाओं का विस्तार करना. |
| भत्ते | वेतन संशोधन के साथ ही सभी भत्तों का भी पुनरीक्षण (Revision) करना. |
| न्यूनतम वेतन | 8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन ₹69,000 करने का प्रस्ताव. |
आगे क्या होगा ?
सौंपा गया यह ज्ञापन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के लिए एक आधार तैयार करेगा. यदि ये मांगें स्वीकार की जाती हैं, तो केंद्र सरकार के लाखों पेंशनभोगियों की मासिक आय में जबरदस्त उछाल आएगा और उनकी सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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