ePaper

8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग से पहले रेलवे की बड़ी तैयारी, खर्च घटाकर मजबूत करेगा खजाना

Updated at : 14 Dec 2025 1:04 PM (IST)
विज्ञापन
8th Pay Commission

वेतन बढ़ोतरी का दबाव झेलने को तैयार भारतीय रेलवे

8th Pay Commission: वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 98.90 प्रतिशत रहा, जिससे शुद्ध राजस्व 1,341 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. वहीं 2025-26 के लिए ऑपरेटिंग रेशियो 98.43 प्रतिशत तक लाने और शुद्ध आय 3,041 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

विज्ञापन

8th Pay Commission: भारतीय रेलवे आने वाले आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पड़ने वाले अतिरिक्त वेतन बोझ को ध्यान में रखते हुए अभी से अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने में जुट गया है. रखरखाव, खरीद और ऊर्जा क्षेत्र में लक्षित लागत-कटौती उपायों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि परिचालन दक्षता बढ़ाई जा सके और भविष्य के खर्चों का दबाव कम हो. जनवरी 2024 में गठित आठवें वेतन आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जबकि सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) का कार्यकाल जनवरी 2026 में समाप्त होगा.

सातवें वेतन आयोग के लागू होने से रेलवे कर्मचारियों के वेतन में 14 से 26 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी और इससे वेतन व पेंशन पर लगभग 22 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा था. इस बार अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से यह बोझ करीब 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. हालांकि, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आंतरिक संसाधनों, संभावित बचत और माल ढुलाई से बढ़ने वाली आय के जरिए इस अतिरिक्त खर्च की भरपाई की योजना पहले ही बना ली गई है.

परिचालन अनुपात और आय बढ़ाने की रणनीति

वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 98.90 प्रतिशत रहा, जिससे शुद्ध राजस्व 1,341 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. वहीं 2025-26 के लिए ऑपरेटिंग रेशियो 98.43 प्रतिशत तक लाने और शुद्ध आय 3,041 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. नेटवर्क विद्युतीकरण पूरा होने के बाद हर साल लगभग 5,000 करोड़ रुपये की ऊर्जा बचत की उम्मीद है. इसके अलावा, 2027-28 से IRFC को होने वाले भुगतान में कमी आएगी, क्योंकि हालिया पूंजीगत खर्च बजटीय सहायता से किया गया है.

भविष्य की आय और कर्मचारियों पर खर्च

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जब 2027-28 में बढ़े हुए वेतन का भुगतान शुरू होगा, तब माल भाड़े से सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है. सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 से बढ़कर 17,990 रुपये हो गया था.

अब ट्रेड यूनियन 2.86 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं, जिससे वेतन बिल में 22 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बावजूद रेलवे ने भरोसा जताया है कि उसकी वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत रहेगी कि इस झटके को आसानी से संभाला जा सकेगा. 2025-26 में कर्मचारियों के वेतन के लिए 1.28 लाख करोड़ और पेंशन फंड के लिए 68,602 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

Also Read : SHANTI Bill 2025: अब प्राइवेट कंपनियां भी करेंगी न्यूक्लियर पावर प्रोडक्शन, मोदी सरकार ने दी हरी झंडी

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola