दिल्ली में नहीं चलेंगे 15 साल पुराने वाहन, भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव

Updated at : 08 Apr 2015 12:42 PM (IST)
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दिल्ली में नहीं चलेंगे 15 साल पुराने वाहन, भारी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र से कानून में शहर में प्रवेश करने वाले 15 साल पुराने वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान करने का आह्वान किया है. बढते प्रदूषण स्तर से चिंतित केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कल हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान […]

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नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए दिल्ली सरकार ने केंद्र से कानून में शहर में प्रवेश करने वाले 15 साल पुराने वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान करने का आह्वान किया है. बढते प्रदूषण स्तर से चिंतित केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कल हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलायी थी.

दिल्ली सरकार के मुताबिक अन्य राज्यों से हल्के और भारी हजारों पुराने वाहन आते हैं जो यहां उच्च स्तर तक प्रदूषण फैलाते हैं. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री आसिम अहमद खान ने कहा, ‘हमने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से यहां 15 साल पुराने वाहनों को यहां चलने से निरुत्साहित करने के लिए राजधानी में आने पर उन पर भारी जुर्माना लगाने का कानून में प्रावधान करने का सुझाव दिया.’

उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण स्तर घटाने की सख्त आवश्यकता है और इस बात को ध्यान में रखते हुए हमें कुछ बडे निर्णय लेने होंगे. अतीत में प्रदूषण पर अंकुश पाने से संबंधित कई फाइलें तैयार हुई लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ.’

दिल्ली सरकार 10 साल से पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध का अध्ययन कर रही है

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को प्रतिबंधित करने के कुछ घंटे बाद दिल्ली सरकार ने कहा है कि यह आदेश का अध्ययन करेगी और जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट के साथ आएगी. पर्यावरण मंत्री आसिम अहमद खान ने कहा, ‘हम एनजीटी के आदेश का अध्ययन कर रहे हैं और हम जल्द ही इस सिलसिले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे.’

एनजीटी ने कहा था कि 10 साल से पुराने सभी डीजल वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी. अधिकरण ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए डीजल को प्रमुख स्रोत बताते हुए कहा था कि स्थिति इतनी चिंताजनक है कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रतिकूल प्रभावों को लेकर दिल्ली छोडने की सलाह दी जा रही है. पीठ ने पिछले साल नवंबर में दिल्ली में 15 साल से पुराने सभी तरह के वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर काबू के लिए केंद्र से कानून बनाने को कहा

नगर में बढते वायु प्रदूषण पर काबू पाने की कठिन चुनौती का सामना कर रही दिल्ली सरकार ने केंद्र से कानून में सख्त प्रावधान करने को कहा है ताकि अन्य राज्यों से शहर में आने वाली 15 साल से ज्यादा पुरानी गाडियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सके. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री आसिम अहमद खान ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण स्तर में कमी लाने की खातिर प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर काबू की खातिर कानूनी प्रावधान बनाने के लिए केंद्र से सहायता का अनुरोध किया. खान ने कहा, ‘हमने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को सुझाव दिया है कि अन्य राज्यों से आने वाले 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के दिल्ली में प्रवेश करने पर उन पर भारी जुर्माना लगाने का कानून में प्रावधान किया जाए. राज्य के पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन में कल खान ने प्रदूषण पर काबू के लिए पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक समान मानदंड बनाये जाने का केंद्र से अनुरोध किया था.

उन्होंने कहा कि चुनौती से निपटने के लिए पडोसी राज्यों द्वारा कदम उठाये जाने की जरुरत है. दिल्ली सरकार यह कहती रही है कि अन्य राज्यों से आने वाले पुराने वाहनों की दिल्ली के प्रदूषण स्तर में वृद्धि में खासी भूमिका रही है. खान ने कहा, ‘दिल्ली में प्रदूषण स्तर में कमी लाने की तत्काल आवश्यकता है और इसे ध्यान में रखते हुए हमें कुछ बडे फैसले लेने होंगे.’ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पिछले साल 26 नवंबर को 15 साल से ज्यादा पुरानी सभी गाडियों (निजी कारें, दो पहिया वाहन, वाणिज्यिक वाहन, बसें और ट्रकों) के दिल्ली में चलने पर रोक लगा दी थी.

एनजीटी ने अपने एक अन्य आदेश में आज कहा कि 10 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी सभी डीजल गाडियों को दिल्ली में चलने की अनुमति नहीं होगी. अधिकरण ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत डीजल है. अधिकरण ने दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग और अन्य संबंधित प्राधिकारों को 10 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन का व्यापक आंकडा तैयार करने का निर्देश दिया.

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