दावोस : यूरोप में सबसे ऊंचाई पर बसा दावोस शहर आज कल पूरी तरह बदला-बदला नजर आता है. यहां इस समय हर जगह कार्पोरेट अधिकरियों जैसे काले सूटधारी या नारंगी-नीली सैनिक वर्दी वाले लोग छाए हुए हैं.
इसका कारण है आल्प्स पर्वत श्रृंखला में बसे इस छोटे शहर में आज से शुरु हो रहा पांच दिन का विश्वस्तरीय सम्मेलन. आम तौर पर स्कीइंग के शौकीनों के इस पसंदीदा स्थान पर इस समय विश्व भर के व्यवसाय और आर्थिक नीति जगत के लोग छा गए है.
इस गहमा-गहमी के बावजूद दावोस में जाड़ों के खेल के शौकीनों की कीमत नहीं है और आप पर्यटकों को बफ से ढके आल्प्स पर्वत पर स्थित इस छोटे से स्विस शहर की ऐतिहासिक विरासत की जानकारी ग्रहण करते देखे जा सकते हैं.
एक समय यह स्वास्थ्य लाभ के लिए माकूल जगह के तौर पर मशहूर था और धीरे-धीरे दावोस शीतकालीन खेलों का केंद्र बन गया. पिछले चार दशक से यह सबसे वैश्विक आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की जनवरी में होने वाली सालाना कारोबारी बैठकों के लिए चर्चा में रहता है.
डब्ल्यूईएफ सम्मेलन की शुरुआत 1971 में हुई. जिनीवा मुख्यालय वाले वैश्विक आर्थिक मंच की 45वीं बैठक आज यहां शुरु हो रही है जिसमें विश्व भर के 2,500 से अधिक नेता भाग ले रहे हैं जिनमें 40 देशों की सरकारों के मुखिया भी शामिल होंगे.
इस सम्मेलन के समाचार संकलन के लिए दुनियाभर से 500 से अधिक पत्रकार जुटे हैं. दावोस का आधुनिक पर्यटक स्थल के तौर मशहूर होने की कहानी 150 साल पहले 1865 में शुरु हुई जबकि पहले पहल शीतकालीन यात्री यहां आए. तब तक यह तपेदिक रोगियों के लिए स्वास्थ्य लाभ की जगह के लिए मशहूर था.
फरवरी 1865 में जर्मनी से आए डाक्टर फ्रेडरिख उंगर और उगो रिख्टर आए और घासफूस के बिस्तर पर इलाज करना शुरु किया. यह इलाज सफल रहा. डाक्टर उंगर दावोस में 20 साल तक डाक्टर के तौर पर अपनी सेवा दी. उगो रिख्टर ने दावोस की एक लडकी से शादी और यहां एक गेस्ट हाउस के प्रबंधन का जिम्मा संभाला. बाद में वह अपने प्रकाशन कारोबार को भी इस शहर में ले आए और दो स्थानीय समाचारपत्र का मुद्रण करने लगे.
दावोस मशहूर जर्मन कलाकार अर्न्स्ट लुडविग किर्खनर का भी घर रहा हैं जिन्होंने यहां अपने आखिरी 20 साल गुजरे और बेहतरीन कलाकृतियां बनाईं. किर्खनर की कलाकृतियों के लिए समर्पित संग्रहालय के अलावा उनकी कलाकृतियां दावोस में कहीं भी देखी जा सकती हैं.
जीवन के अंतिम चरण में किर्खनर नर्वस ब्रेकडाउन के शिकार हो गए और उन्होंने अपने आखिरी दिन दावोस के सैनिटोरियम में बिताए. इसी सैनिटोरियम के आधार पर नोबेल पुरस्कार विजेता टामस मान ने अपने मशहूर उपन्यास द मैजिक माउंटेन लिखा है.
दावोस में वैश्विक आर्थिक मंच की यह सालाना बैठक 1971 में शुरु हुई जिसे पहले यूरोपीय प्रबंध मंच के तौर पर जाना जाता था और इस साल मंच के संस्थापक क्लॉस श्वास ने यूरोपीय आयेाग के संरक्षण में दावोस कांग्रेस केंद्र में बैठक के लिए 400 यूरोपीय उद्योगपतियों को बुलाया था. बाद में वैश्विक आर्थिक मंच बना और हर साल जनवरी के अंत में विश्व भर के नेता दावोस आने लगे.
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