50,000 करोड़ रुपये तक का विदेशी निवेश हो सकता है बीमा क्षेत्र में !
Updated at : 10 Dec 2014 8:35 PM (IST)
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नयी दिल्ली : बीमा क्षेत्र में प्रस्तावित विदेशी निवेश सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढाकर 49 प्रतिशत करने से विदेशी निवेशकों से बीमा क्षेत्र में 7 से 8 अरब डॉलर यानि करीब 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा. इससे इस क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलेगी. उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार संसद की प्रवर समिति द्वारा बीमा […]
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नयी दिल्ली : बीमा क्षेत्र में प्रस्तावित विदेशी निवेश सीमा मौजूदा 26 प्रतिशत से बढाकर 49 प्रतिशत करने से विदेशी निवेशकों से बीमा क्षेत्र में 7 से 8 अरब डॉलर यानि करीब 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा. इससे इस क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलेगी.
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार संसद की प्रवर समिति द्वारा बीमा क्षेत्र में समग्र विदेशी निवेश सीमा बढाकर 49 प्रतिशत करने पर मुहर लगाये जाने से इस कदम से विदेशों से घरेलू बीमा कंपनियों में 25,000 करोड़ रुपये के बराबर पूंजी प्रवाह हो सकता है.
हालांकि, एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारतीय बीमा क्षेत्र में जो कुल कोष आ सकता है, वह 7-8 अरब डॉलर हो सकता है. इसमें मौजूदा बीमा कंपनियों में आने वाला प्रवाह तथा नई विदेशी इकाइयों से आने वाला कोष शामिल है, जो बीमा कानून में संशोधन के बाद यहां कारोबार करना चाहती हैं.
केपीएमजी (इंडिया) पार्टनर एस शर्मा ने कहा, ‘जीवन, स्वास्थ्य तथा साधारण बीमा कंपनियों में अतिरिक्त विदेशी पूंजी 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है.’ अकेले जीवन बीमा उद्योग में 7,800 करोड़ रुपये का निवेश आने का अनुमान है.
निजी बीमा क्षेत्र में अब तक कुल 35,000 करोड़ रुपये की पूंजी लगी है. बीमा उद्योग में 26 प्रतिशत एफडीआइ पर विदेशी पूंजी 8,700 करोड़ रुपये के करीब है.
पीएनबी मेटलाइफ के सीईओ तरण चुघ ने कहा कि उद्योग को इस समय वृद्धि और विस्तार के लिये दीर्घकालिक पूंजी चाहिये जो कि केवल एफडीआइ के जरिये ही आ सकती है.
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