रविशंकर प्रसाद ने कहा, BSNL के सामने पेश आ रही मुश्किलों को दूर करने के प्रयास में जुटी है सरकार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Oct 2019 4:40 PM
नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीएसएनएल का अस्तित्व देश के रणनीतिक हित में है और सरकार कंपनी के सामने पेश आ रही मुश्किलों को दूर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने माना कि दूरसंचार क्षेत्र में कुछ दिक्कतें हैं, जिनके ऊपर सरकार गौर कर रही है. […]
नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कहा कि बीएसएनएल का अस्तित्व देश के रणनीतिक हित में है और सरकार कंपनी के सामने पेश आ रही मुश्किलों को दूर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने माना कि दूरसंचार क्षेत्र में कुछ दिक्कतें हैं, जिनके ऊपर सरकार गौर कर रही है. प्रसाद ने इंडिया इकोनॉमिक कांक्लेव में कहा कि बीएसएनएल देश के रणनीतिक हित में है.
उन्होंने कहा कि कहीं बाढ़ आये या चक्रवात, सबसे पहले बीएसएनएल की सेवाएं नि:शुल्क होती हैं. उनके राजस्व का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो जाता है, जबकि अन्य कंपनियों को इसके लिए पांच-10 फीसदी ही खर्च करना पड़ता है. बीएसएनएल अपने कर्मचारियों को सितंबर महीने का वेतन नहीं दे पायी है. ऐसी खबरें हैं कि वित्त मंत्रालय बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद करना चाहता है.
प्रसाद ने कहा कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र की दिक्कतों को भी दूर करना चाहती है, लेकिन सरकार यह भी उम्मीद करती है कि कंपनियां अपना नेटवर्क बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को अपनी सेवाओं से संतुष्ट करने की जिम्मेदारी निभायेंगी. उन्होंने देश में 5जी सेवाओं की शुरुआत के बारे में समयसीमा की जानकारी नहीं दी. हालांकि, उन्होंने कहा कि वह भारत को 5जी से संबंधित बौद्धिक संपदा का केंद्र बनाना चाहते हैं.
प्रसाद ने कहा कि हमने परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम दिया है. मैं चाहूंगा कि भारत 5जी से संबंधित बौद्धिक संपदा का केंद्र बने, लेकिन जहां तक 5जी का सवाल है, हमें इस बारे में सतर्कता से काम करना होगा कि दुनिया में किस तरह की पारिस्थितिकी विकसित होती है. उन्होंने कहा कि 5जी प्रौद्योगिकी से कई मुद्दे जुड़े हुए हैं. जैसे, यदि एक चालकरहित कार की दुर्घटना हो जाती है, तो कौन जिम्मेदार होगा.
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