एक उद्योगपति को समझने में लंबा समय लगता है - रतन टाटा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंबई: दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा ने बुधवार को कहा कि एक कारोबारी दिग्गज यानी उद्योगति को समझने में समझने में काफी समय लगता है. रतन टाटा ने 2012 में टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद छोड़ दिया था.
टाटा ने कहा कि उनका राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. टाटा से जब पूछा गया कि कंपनी को चलाने के लिए उम्मीदवार का चयन करते समय वह क्या देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि शुरू में किसी की तारीफ करने की गुंजाइश होती है लेकिन किसी व्यक्ति के साथ काम करने के बाद ही उसके बारे में पता चलता है.
रतन टाटा ने दक्षिण एशिया होटल इन्वेस्टमेंट सम्मेलन में कहा, ...वास्तव में आपको अपने साथ काम करने वाले व्यक्ति के बारे में जानने में लंबा समय लगता है. टाटा संस के निदेशक मंडल द्वारा साइरस मिस्त्री को हटाने के बाद 2016 में रतन टाटा ने समूह से दोबारा जुड़े थे और एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति तक कंपनी में रहे. टाटा समूह की 100 से अधिक कंपनियों में से रतन टाटा ने वाहन कारोबार को अपने पसंदीदा कारोबार के रूप में चुना.
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