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शॉपिंग ऑनलाइन, पेमेंट ऑफलाइन

Updated at : 01 Mar 2019 1:26 PM (IST)
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शॉपिंग ऑनलाइन, पेमेंट ऑफलाइन

-74% खरीदार करते हैं कैश ऑन डिलिवरी, क्रेडिट कार्ड से पेमेंट सिर्फ 05%रांची : 80 के दशक से शुरू हुई ऑनलाइन शॉपिंग आज चरम पर है. इसकी पहुंच छोटे शहरों से लेकर कस्बों तक हो चुकी है. लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर जबरदस्त क्रेज दिख रहा है. इस ऑनलाइन तरीके ने न केवल सुविधाएं […]

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-74% खरीदार करते हैं कैश ऑन डिलिवरी, क्रेडिट कार्ड से पेमेंट सिर्फ 05%
रांची :
80 के दशक से शुरू हुई ऑनलाइन शॉपिंग आज चरम पर है. इसकी पहुंच छोटे शहरों से लेकर कस्बों तक हो चुकी है. लोगों में ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर जबरदस्त क्रेज दिख रहा है. इस ऑनलाइन तरीके ने न केवल सुविधाएं दी हैं, बल्कि रोजगार की संभावना का भी सृजन किया है. ऑनलाइन शॉपिंग से संबंधित एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में 12 करोड़ से अधिक लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग की है. इसके अनुसार एक वर्ष में देश में ऑनलाइन शॉपिंग में 115 फीसदी की वृद्धि हुई है. रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल से ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या ज्यादा रही है. मोबाइल की मदद से 108 मिलियन लोगों ने शॉपिंग की. हालांकि इसी रिपोर्ट के अनुसार लोगों में अॉनलाइन पेमेंट के प्रति कम रुझान दिख रहा है. 74 फीसदी लोग डिलिवरी आने पर पेमेंट करते हैं. वहीं डेबिट कार्ड से 18 और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करनेवालों की संख्या सिर्फ पांच फीसदी है.

युवाओं और महिलाओं में दिख रहा अधिक क्रेज

ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति युवाओं में सबसे अधिक क्रेज दिख रहा है. इसके अलावा महिलाओं का रूझान इस ओर ज्यादा देखने को मिलता है. यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो वर्तमान में कई तरह की सुविधाएं दे रहा है. घर बैठे इन सुविधाओं के मिलने से ही ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति लोगों का क्रेज ज्यादा देखने को मिल रहा है. ऑनलाइन शॉपिंग में आप वस्तुओं की तुलना कर सकते हैं. विभिन्न इ-कॉमर्स वेबसाइट्स 15 दिनों के बाद वापसी का मौका देती है.

बना सकते हैं करियर

अब छोटे-छोटे शहरों तक इ-कॉमर्स कंपनियों की पहुंच होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं. इसमें ज्यादा डिलिवरी एजेंट के रूप में करियर की संभावना बढ़ी है. 15 से 20 हजार रुपये सैलरी मिलती है, वहीं प्रति डिलिवरी 25 से 35 रुपये दी जाती है. किसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के डिलिवरी एजेंट के रूप में काम करने के लिए शहर की समझ होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त कंपनी के द्वारा आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बाइक के बारे पड़ताल की जाती है.

ई-कॉमर्स का बाजार

आज हम ऑनलाइन बाजार से जीवनोपयोगी तमाम चीजें खरीद पा रहे हैं. पर भारत में जब इसकी शुरुआत हुई थी तब यह सिर्फ टिकट खरीदारी के लिए इस्तेमाल होता था. भारत में ई- कॉमर्स की शुरुआत 2002 में आइआरसीटीसी के साथ हुई. इसकी सफलता को देखते हुए 2003 में एयर इंडिया और एयर दक्कन ने ऑनलाइन टिकट बेचना शुरू किया. 2005 में मेक माई ट्रिप ने फ्लाइट टिकट ऑनलाइन बेचने शुरू किये. इसके बाद 2006 में यात्रा.कॉम ने भी फ्लाइट टिकट सेवा शुरू की. इसी ने भारतीयों को क्रेडिट कार्ड पेमेंट विकल्प के झिझक को दूर किया.

2007 भारत में इ-कॉमर्स के लिए मील का पत्थर साबित हुआ. फ्लिपकार्ट और बुक माय शो ने इसी साल ऑनलाइन बाजार में कदम रखा. अमेजन ने भारतीय बाजार में 2013 में कदम रखा. इस तरह से धीरे-धीरे ऑनलाइन शॉपिंग बाजार अपने वर्तमान स्वरूप में आया.

इ-शॉपिंग के दौरान रखें सावधानी

ऑर्डर करते समय वस्तु की सही जानकारी दें

रंग, साइज के संबंध में भी सही-सही जानकारी डालें

कभी अपनी निजी जानकारी इ-शॉपिंग के दौरान न दें

शॉपिंग के दौरान डेबिट कार्ड से ज्यादा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें

प्रोडक्ट की गारंटी को ऑर्डर से पहले ही सुनिश्चित कर लें

प्रोडक्ट के बारे में सारी जानकारी शॉपिंग से पहले ही हासिल कर लें

शॉपिंग के बाद डिलीवरी और टाइमिंग का स्टेटस भी पहले ही जांच लें

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