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Fake Photo देकर सिमकार्ड खरीदा तो सावधान हो जायें, 15 सितंबर से होगा Live चेहरे का मिलान

Updated at : 18 Aug 2018 4:46 PM (IST)
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Fake Photo देकर सिमकार्ड खरीदा तो सावधान हो जायें, 15 सितंबर से होगा Live चेहरे का मिलान

नयी दिल्ली : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है. यह सुविधा पहले दूरसंचार सेवा कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है. प्राधिकरण ने इससे […]

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नयी दिल्ली : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने व्यक्ति की पहचान के सत्यापन की एक अतिरिक्त विधि के अंतर्गत फोटो का चेहरे से मिलान करने सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की घोषणा की है. यह सुविधा पहले दूरसंचार सेवा कंपनियों के साथ 15 सितंबर को शुरू की जा रही है. प्राधिकरण ने इससे पहले चेहरा पहचानने का फीचर एक जुलाई से लागू करने की योजना बनायी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर एक अगस्त कर दिया गया था.

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इसके तहत मोबाइल सिम कार्ड के लिए आवेदन के साथ लगाये गये फोटो को संबंधित व्यक्ति के अमाने-सामने लिये गये फोटो से की जायेगी. यूआईडीएआई ने अगले महीने के मध्य से इस तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने वाली दूरसंचार कंपनियों पर मौद्रिक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव किया है. यूआईडीएआई ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के अलावा अन्य सत्यापन एजेंसियां के लिए चेहरा पहचानने की सुविधा के क्रियान्वयन के बारे में निर्देश बाद में जारी किये जायेंगे.

हालांकि, प्राधिकरण ने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं दी है. खास बात यह है कि यूआईडीएआई ने कहा है कि ‘लाइव फेस फोटो’ और ईकेवाईसी के दौरान निकाली गयी तस्वीर का मिलान उन मामलों में जरूरी होगा, जिनमें मोबाइल सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है. यूआईडीएआई ने कहा कि यह कदम फिंगरप्रिंट में गड़बड़ी की संभावना रोकने या उसकी क्लोनिंग रोकने के लिए उठाया गया है. इससे मोबाइल सिम जारी करने और उसे एक्टिव करने की आडिट प्रक्रिया और सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा.

यूआईडीएआई की ओर से जारी सर्कुलर अनुसार, 15 सितंबर से दूरसंचार सेवा कंपनियों को महीने में कम से कम 10 फीसदी सत्यापन चेहरे का लाइव (सीधे) फोटो से मिलान करके करना अनिवार्य होगा. इस प्रकार का सत्यापन इससे कम अनुपात में हुआ तथा प्रति सत्यापन 20 पैसे का जुर्माना लगाया जायेगा. यहां उल्लेखनीय है कि इस साल जून में हैदराबाद के एक मोबाइल सिम कार्ड वितरक ने आधार ब्योरे में गड़बड़ी कर हजारों की संख्या में सिम एक्विटवेट किये थे.

यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडे ने कहा कि लाइव फेस फोटो को ईकेवाईसी फोटो से मिलाने का निर्देश सिर्फ उन्हीं मामलों जरूरी होगा, जिनमें सिम जारी करने के लिए आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है. दूरसंचार विभाग के निर्देशानुसार, यदि सिम आधार के अलावा किसी अन्य तरीके से जारी किया जाता है, तो ये निर्देश लागू नहीं होंगे.

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