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एचडीएफसी बैंक को एफडीआइ से अतिरिक्त 24,000 करोड़ जुटाने को कैबिनेट की मंजूरी

Updated at : 14 Jun 2018 8:16 AM (IST)
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एचडीएफसी बैंक को एफडीआइ से अतिरिक्त 24,000 करोड़ जुटाने को कैबिनेट की मंजूरी

इस स्थिति में भी कंपनी की विदेश हिस्सेदारी 74 प्रतिशत तक ही रहेगी नयी दिल्ली: सरकार ने एचडीएफसी बैंक को कारोबार के विस्तार की जरूरत के लिए विदेशी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचकर 24,000 करोड़ रुपये की अतरिक्त पूंजी जुटाने की आज मंजूरी दे दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक […]

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इस स्थिति में भी कंपनी की विदेश हिस्सेदारी 74 प्रतिशत तक ही रहेगी

नयी दिल्ली: सरकार ने एचडीएफसी बैंक को कारोबार के विस्तार की जरूरत के लिए विदेशी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचकर 24,000 करोड़ रुपये की अतरिक्त पूंजी जुटाने की आज मंजूरी दे दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इसमें पहले स्वीकृत एफडीआइ की सीमा के ऊपर प्रीमियम भी शामिल है. पहले 10,000 करोड़ रुपये की एफडीआइ की मंजूरी दी गयी थी और शर्त थी कि बैंक में कुल मिलाकर विदेशी हिस्सेदारी बढ़ी हुई चुकता पूंजी के 74 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त विदेशी शेयर पूंजी के साथ बैंक में कुल विदेशी हिस्सेदारी 74 प्रतिशत हो जाएगी. फिलहाल बैंक में विदेशी हिस्सेदारी 72.62 प्रतिशत है. रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विदेशी हिस्सेदारी 74 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती. मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से यह सुनिश्चित होगा कि बैंक में विदेशी बैंक में सभी प्रकार के विदेशी निवेश बढ़ी हुई चुकता शेयर पूंजी का 74 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा. यह प्रत्यक्ष विदेश निवेश नीति तथा अन्य नियामकों की शर्तों पर निर्भर करेगा. प्रस्तावित निवेश से बैंक की पूंजी पर्याप्तता अनुपात बढ़ेगा. इन अतिरिक्त 24,000 करोड़ रुपये में से 8,500 करोड़ रुपये बैंक के प्रवर्तक एचडीएफसी लिमिटेड को वरीयता के आधार पर आवंटित करने का प्रस्ताव है.

एचडीएफसी पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक उपभोक्ता वित्तीय सेवा कंपनी : फोर्ब्स

न्यूयॉर्क : फोर्ब्स पत्रिका ने आवास क्षेत्र में वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी एचडीएफसी को उपभोक्ता वित्तीय सेवा श्रेणी की विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी का दर्जा दिया है. इस सूची में अमेरिकन एक्सप्रेस को शीर्ष स्थान मिला है. इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस 13 वें स्थान के साथ सूची में शामिल दूसरी अन्य भारतीय कंपनी है. एचडीएफसी ने इस श्रेणी में सातवें स्थान से छलांग लगाकर पांचवां स्थान हासिल किया है. हर तरह की कंपनियों की सूची में चीन का बैंक आइसीबीसी शीर्ष स्थान पर रहा है जबकि इस सूची में एचडीएफसी पिछले साल के 404 वें स्थान से छलांग लगाकर 321 वें स्थान पर पहुंच गया. विश्व की कुल 2000 कंपनियों की सूची में भारत की 58 कंपनियां स्थान बनाने में सफल रही हैं. इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज 83 वें स्थान पर, एचडीएफसी बैंक 202 वें स्थान पर, ओएनजीसी 266 वें स्थान पर, इंडियन ऑयल 270 वें स्थान पर और आइसीआइसीआइ बैंक 320 वें स्थान पर रहीं. पूरी सूची में शामिल अन्य भारतीय कंपनियों में टाटा मोटर्स 385 वें, टीसीएस 404 वें, एलएंडटी 471 वें और भारतीय स्टेट बैंक 489 वें स्थान पर रहीं.

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