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रेलवे में शुद्ध भोजन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का होगा प्रयोग, कैमरों से होगी किचन की निगरानी

Updated at : 08 May 2018 1:35 PM (IST)
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रेलवे में शुद्ध भोजन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का होगा प्रयोग, कैमरों से होगी किचन की निगरानी

नयी दिल्ली : भारतीय रेलवे का यात्रियों को शुद्ध भोजन पहुंचाने का प्रयास अब तक रंग नहीं ला पाया है. अक्सर, रेलवे के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं और भोजन में कॉकरोच या अन्य नुकसानदेह चीजें मिलने की खबरें मीडिया की सुर्खियां बन जाती हैं. ऐसे में भारतीय रेल अपने यात्रियों को शुद्ध […]

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नयी दिल्ली : भारतीय रेलवे का यात्रियों को शुद्ध भोजन पहुंचाने का प्रयास अब तक रंग नहीं ला पाया है. अक्सर, रेलवे के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं और भोजन में कॉकरोच या अन्य नुकसानदेह चीजें मिलने की खबरें मीडिया की सुर्खियां बन जाती हैं. ऐसे में भारतीय रेल अपने यात्रियों को शुद्ध भोजन पहुंचाने के लिए एक नया प्रयास करने जा रही है. इसके तहत पहले चरण में रेलवे अपने 16बेस किचन में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाएगी. ये कैमरे भोजन बनाने व पैक करने के दौरान ही उसकी गड़बड़ियों को उसी समय ट्रैक कर लेंगे और इसकेबारे में संबंधित लोगों को सचेत कर देगा. कैमरा आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस माड्यूलसे जुड़े होंगे और काम करेंगे जो दिल्ली में आइआरसीटीसी हेडक्वार्टर के मुख्यालय के लगाये गये सेटअप से केंद्रीय रूप से जुड़े होंगे.

इस तैयारी का जायजा लेने मंगलवार सुबह रेलवे बोर्ड के सदस्य ट्रैफिक एम जमशेद दिल्ली में स्थित कंट्रोल रूम पहुंचे, जहां संबंधित प्राधिकारी इस योजना की निगरानी करेंगे. खुद भारतीय रेलवे ने इससे संबंधित फोटो ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

ध्यान रहे कि पिछले साल ही सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया था कि रेलवे का भोजन मनुष्य के खाने योग्य नहीं है. ऐसे में रेलवे भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई स्तर पर प्रयास कर रही है.

कैसे काम करेगा इंटेलिजेंट किचन?

भारतीय रेलवे ने शुद्ध भोजन यात्रियों तक पहुंचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम वाला किचन तैयार किया है. इस योजना के तहत प्रत्येक किचन में आठ हाइ डेफिनेशन कैमरे लगाये गये हैं.आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस स्वच्छता को लेकर अपनायी गयी कमियों का पता लगाने में मदद करेगा. यह तुरंत चूहा, कॉकरोच व अन्य कीड़ों के खोज लेगा और उसके बारे में सूचित कर देगा और इसके लिए स्वत: एक लाल झंडा उठ खड़ा होगा.

आर्टिफिशय इंटेलिजेंस के माध्यम से खोजी गयीविसंगतियों के बारे में सेंट्रल कंट्रोल रूम में को नियमित रूप से सूचना मिलेगी. इसके आधार पर बेस किचन के परफार्मेंस का आकलन किया जाएगा और रिपोर्ट भेजी जाएगी. जाहिर है परफार्मेंस रिपोर्ट बनने से गुणवत्ता में सुधार तो आएगी ही. साथ ही सेंट्रल कंट्रोल रूम बेस किचन को सूचना भी देगा.

इस तकनीक के माध्यम से इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि सेफ यूनिफार्म व टोपी पहने हुए है या नहीं. इस तकीनक से पकड़ी गयी गड़बड़ियों के बारे में संबंधित बेस किचन को सावधान किया जाएगा व सुधार के लिए कहा जाएगा और वहां से इसमें सुधार नहीं आने पर इस संंबंध में ऊपर के प्राधिकारियों को सूचित किया जाएगा और कार्रवाई के लिए भी कहा जा सकता है. आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस सिस्टम WOBOT की मदद से तैयार किया गया है. फिलहाल 16 किचन से शुरू होने वाली यह परियोजना अगर सफल होती है तो इसका विस्तार देश में रेलवे के अधिक से अधिक किचन में किया जाएगा.

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