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IMF का मोदी सरकार को झटका, भारत का वृद्धि दर अनुमान घटाकर 6.7% किया, वजह...!

Updated at : 10 Oct 2017 9:02 PM (IST)
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IMF का मोदी सरकार को झटका, भारत का वृद्धि दर अनुमान घटाकर 6.7% किया, वजह...!

वाशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने 2017 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का नया अनुमान व्यक्त किया है. IMF का भारत के लिए यह अनुमान उसके पहले लगाये गये अनुमानों की तुलना में 0.5 प्रतिशत कम है. उसने इस कटौती के लिए नोटबंदी व जीएसटी के कार्यान्वयन का हवाला दिया है. […]

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वाशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने 2017 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का नया अनुमान व्यक्त किया है. IMF का भारत के लिए यह अनुमान उसके पहले लगाये गये अनुमानों की तुलना में 0.5 प्रतिशत कम है. उसने इस कटौती के लिए नोटबंदी व जीएसटी के कार्यान्वयन का हवाला दिया है.

IMF ने हालांकि, चीन के लिए 6.8 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है. इसके साथ ही IMF ने 2018 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान भी अपने पहले के अनुमान से 0.3 प्रतिशत कम कर 7.4 प्रतिशत कर दिया है.

कोष ने इससे पहले जुलाई और अप्रैल में आर्थिक वृद्धि के अनुमान जारी किये थे. भारत की वृद्धि दर 2016 में 7.1 प्रतिशत रही थी. हालांकि, यह वृद्धि IMF के अप्रैल के 6.8 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रही.

IMF ने अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य रपट में कहा है, भारत में वृद्धि की गति नरम पड़ी है, जो कि मुद्रा अदला-बदली और साल के बीच में ही देश भर में माल व सेवा कर के कार्यान्वयन को लेकर अनिश्चिततता के चलते हुआ.

इसमें कहा गया है, अच्छे सरकारी परिव्यय तथा आंकड़ों में संशोधन के चलते 2016 में भारत की वृद्धि दर बढ़ कर संशोधित 7.1 प्रतिशत हो गयी. इसके साथ ही IMF ने 2017 में वृद्धि दर के लिहाज से चीन को भारत से कुछ आगे रखा है.

2017 में चीन की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहना अनुमानित है. हालांकि, रपट के अनुसार 2018 में भारत दुनिया में सबसे तेज वृद्धि करने वाली उदीयमान अर्थव्यवस्था का दर्जा फिर हासिल कर सकता है, जबकि उस साल चीन की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहना अनुमानित है.

रपट में कहा गया है कि जीएसटी उन कुछ प्रमुख ढांचागत सुधारों में से एक है, जिनसे मध्यम अवधि में वृद्धि दर बढ़ कर आठ प्रतिशत करने में मददगार होंगे. इसके अनुसार, भारत में श्रम बाजार नियमों तथा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के सरलीकरण की व्यापारिक माहौल को और बेहतर बनाने के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही है.

IMF का कहना है कि 1999 और 2008 के बीच भारत की औसत वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही, उसके बाद 2009 में यह 8.5 प्रतिशत, 2010 में 10.3 प्रतिशत व 2011 में 6.6 प्रतिशत रही. इसी तरह 2012, 2013 व 2014 में वृद्धि दर क्रमश: 5.5 प्रतिशत, 6.4 प्रतिशत व 7.5 प्रतिशत रही. वहीं वैश्विक स्तर पर IMF ने वृद्धि दर 2017 व 2018 में क्रमश: 3.6 प्रतिशत व 3.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है.

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