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नोट वापसी की रिपोर्ट पर चिदंबरम ने किया वार, कहा-रिजर्व बैंक के लिए लानत की बात

Updated at : 30 Aug 2017 8:27 PM (IST)
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नोट वापसी की रिपोर्ट पर चिदंबरम ने किया वार, कहा-रिजर्व बैंक के लिए लानत की बात

नयी दिल्ली: नोटबंदी के बाद 1000 रुपये के पुराने नोटों की वापसी को लेकर बुधवार को रिजर्व बैंक की ओर से पेश की गयी सालाना रिपोर्ट के बाद पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रिजर्व बैंक के बहाने सरकार पर वार किया है. रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा […]

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नयी दिल्ली: नोटबंदी के बाद 1000 रुपये के पुराने नोटों की वापसी को लेकर बुधवार को रिजर्व बैंक की ओर से पेश की गयी सालाना रिपोर्ट के बाद पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रिजर्व बैंक के बहाने सरकार पर वार किया है. रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि नोटंबदी के बाद सिर्फ एक फीसदी बंद नोट ही बैंकिंग प्रणाली में वापस नहीं लौटे. इस पर तंज कसते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह रिजर्व बैंक के लिए लानत की बात है, जिसने नोटबंदी की सिफारिश की थी. 99 फीसदी नोट कानूनी तौर पर बदले गये. चिदंबरम ने कहा कि क्या नोटबंदी कालेधन को सफेद करने की योजना थी?

इस खबर को भी पढ़ें: रिजर्व बैंक ने सालाना रिपोर्ट कहा, नोटबंदी के दौरान जमा नहीं हो पाये 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट

रिजर्व बैंक ने सालाना रिपोर्ट में खुलासा किया कि नोटबंदी के बाद 1000 रुपये और 500 रुपये के 99 प्रतिशत नोट वापस आये हैं. आरबीआई ने बताया कि कुल 15 लाख 44 हजार करोड़ के पुराने नोट बंद हुए थे. इनमें से 15 लाख 28 हजार करोड़ की रकम बैंकों में लौटी है. नोटबंदी के बाद पुराने 1,000 रुपये के कुल 632.6 करोड़ नोटों में से 8.9 करोड़ नोट अब तक नहीं लौटे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के बाद नोट की प्रिंटिंग की लागत में बड़ा इजाफा हुआ है.

पी चिदंबरम ने इन्‍हीं आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नोटबंदी के फैसले से देश को आर्थिक नुकसाना उठाना पड़ा. पी चिदंबरम के मुताबिक, आरबीआई ने कहा कि कुल 1544,000 करोड़ रुपये के 1,000 और 500 रुपये में से 16,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं लौटे, जो कि लगभग 1 फीसदी के बराबर है. ऐसे में आरबीआई को शर्म करनी चाहिए कि उसने नोटबंदी का समर्थन किया.

आरबीआई को 16 हजार करोड़ रुपये का फायदा तो हुआ पर उसे नए नोटों की छपाई पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च करना पड़ा है. तंज कसते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि ऐसे में यह फैसला लेने वाले वाले इकनॉमिस्‍ट को नॉबेल प्राइज मिलना चाहिए. यही नहीं पी चिदंबरम ने केंद्र पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जब 99 प्रतिशत नोट कानूनी रूप से बदले गए तो क्‍या नोटबंदी कालेधन को सफेद करने की कोई योजना थी?

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