1000 रुपये के नोट की होगी वापसी? RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया क्या है प्लान

**EDS: SCREENSHOT FROM OFFICIAL YOUTUBE CHANNEL OF RBI** Mumbai: Reserve Bank of India (RBI) Governor Shaktikanta Das announces the policy decision of the Monetary Policy Committee (MPC), via live streaming, in Mumbai, Friday, Feb. 5, 2021. Reserve Bank of India (RBI) on Friday decided to leave benchmark interest rate unchanged at 4 per cent. (PTI Photo)(PTI02_05_2021_000039A)
आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास से जब 1000 के नोट की वापसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे महज अटकल बता दिया. शक्तिकांत दास ने कहा, कहा फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.
2000 रुपये के नोट सर्कुलेशन से बाहर होने के बाद अब 1000 रुपये के नोट की वापसी की चर्चा तेज हो गयी है. ऐसा इसलिए क्योंकि बाजार में 500 रुपये का नोट ही फिलहाल सबसे बड़ा रह गया है. जब पीएम मोदी ने 2016 में नोटबंदी की घोषणा की थी और 500 व 1000 के नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था. तब 500 रुपये के नये नोट की वापसी हुई थी और 2000 के गुलाबी नोट सबसे बड़ी करेंसी बनकर बाजार में आयी थी. लेकिन अब, जब इस नोट को भी सर्कुलेशन से बाहर कर दिया गया है, तो सवाल उठने लगा है कि क्या 1000 के नोट की फिर से नये रंगत के साथ वापसी होगी. इस सवाल का जवाब खुद आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने दिया है.
1,000 रुपये के नोट पर क्या बोले शक्तिकांत दास
आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास से जब 1000 के नोट की वापसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे महज अटकल बता दिया. शक्तिकांत दास ने कहा, कहा फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.
अर्थव्यवस्था पर 2,000 का नोट वापस लेने का सीमित असर पड़ेगाः शक्तिकांत दास
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने का अर्थव्यवस्था पर ‘बहुत सीमित’ प्रभाव ही देखने को मिलेगा क्योंकि ये नोट चलन में मौजूद कुल मुद्रा का सिर्फ 10.8 प्रतिशत ही हैं.
आरबीआई गवर्नर ने बताया, क्यों 2000 के नोट वापस लिये गये
शक्तिकांत दास ने 2,000 रुपये का नोट वापस लेने के कदम को रिजर्व बैंक की मुद्रा प्रबंधन व्यवस्था का हिस्सा बताते हुए कहा कि 30 सितंबर की निर्धारित समयसीमा तक इस मूल्य के अधिकांश नोट वापस आ जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को चलन से हटाने का कदम ‘स्वच्छ नोट नीति’ का ही हिस्सा है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 2,000 का नोट वैध मुद्रा बना रहेगा. वैधता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हम यह जानने के लिए इंतजार करेंगे कि कितने नोट लौटकर आते हैं. फिर 30 सितंबर का समय करीब आने पर कोई फैसला लेंगे.
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आरबीआई गवर्नर ने लोगों से कहा, घबराना नहीं है
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि लोगों के पास अपने 2,000 रुपये के नोट को बैंक में जाकर जमा करने या बदलने के लिए पर्याप्त समय है लिहाजा किसी को भी घबराना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि नोट बदलने के लिए कम मूल्य वाले नोट पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं. दास ने कहा, प्रणाली में पहले ही पर्याप्त नकदी है. सिर्फ रिजर्व बैंक ही नहीं, बैंकों के संचालन वाले करेंसी चेस्ट में भी पर्याप्त नकदी है. चिंता की कोई बात नहीं है.
30 सितंबर से पहले 2000 के नोट को बदलना जरूरी
रिजर्व बैंक ने गत शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा था कि फिलहाल इस वैध मुद्रा को 30 सितंबर तक बैंकों में जाकर जमा करने के अलावा बदला भी जा सकता है. हालांकि, एक बार में सिर्फ 10 नोट ही बदले जाएंगे.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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