9 फिल्मफेयर और 4 नेशनल अवॉर्ड विजेता नितिन देसाई ने आर्थिक तंगी की वजह से की आत्महत्या! बॉलीवुड में शोक की लहर

Published by : Ashish Lata Updated At : 02 Aug 2023 6:17 PM

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Nitin Desai: मशहूर कला निर्देशक नितिन चंद्रकांत देसाई ने 58 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. रिपोर्ट्स की मानें तो प्रोडक्शन डिजाइनर ने कर्जत में अपने स्टूडियो में आत्महत्या कर ली है. इधर पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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मशहूर कला निर्देशक नितिन चंद्रकांत देसाई ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है. वह महज 58 वर्ष के थे. सूत्रों के मुताबिक प्रोडक्शन डिजाइनर कर्जत के अपने स्टूडियो में मृत पाये गये हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की है. हालांकि उनकी मृत्यु का कारण अभी तक अज्ञात है, लेकिन वित्तीय संकट और कर्ज को प्रसिद्ध कला निर्देशक की आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है.

नितिन देसाई का शव पंखे से लटका हुआ मिला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नितिन देसाई कल रात 10 बजे अपने कमरे में चले गये. आज सुबह वह काफी देर तक बाहर नहीं आये. तभी उनके बॉडी गार्ड और अन्य लोगों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला. नितिन देसाई का शव पंखे से लटका हुआ मिला. जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई है, पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

इन फिल्मों की वजह से हुए पॉपुलर

नितिन चंद्रकांत देसाई का जन्म दापोली में हुआ था और उन्हें मराठी और हिंदी फिल्मों, दिल्ली में 2016 विश्व सांस्कृतिक महोत्सव और हम दिल दे चुके सनम (1999), लगान (2001), देवदास (2002) जैसी फिल्मों में उनके काम के लिए जाना जाता है. जोधा अकबर (2008), और प्रेम रतन धन पायो (2015)। वह भारतीय सिनेमा के एक प्रसिद्ध भारतीय कला निर्देशक और प्रोडक्शन डिजाइनर भी थे. उन्होंने अपने 20 साल के करियर के दौरान आशुतोष गोवारिकर, विधु विनोद चोपड़ा, राजकुमार हिरानी और संजय लीला भंसाली जैसे निर्देशकों के साथ काम किया.

इन पुरस्कार से किया जा चुका है सम्मानित

कच्छ की देवी माता के बारे में एक भक्तिपूर्ण फिल्म, चंद्रकांत प्रोडक्शंस की देश देवी के साथ, उन्होंने 2002 में अभिनेता से निर्माता के रूप में परिवर्तन किया. उन्हें सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन के लिए तीन फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन पुरस्कार और चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले. वह मई 1987 में पहली बार मुंबई के फिल्म सिटी स्टूडियो पहुंचे और तुरंत फोटोग्राफी के 2-डी प्रारूप से कला निर्देशन की 3-डी दुनिया में बदलाव किया. उन्होंने गोविंद निहलानी की 1987 की अवधि की टीवी सीरीज तमस में प्रसिद्ध कला निर्देशक नीतीश रॉय के साथ चौथे सहायक के रूप में काम किया. इसके बाद, उन्होंने दो टीवी शो कबीर और चाणक्य में योगदान दिया.

नितिन चंद्रकांत देसाई की ये थी पहली फिल्म

हालांकि 1993 में रिलीज़ हुई अधिकारी ब्रदर्स की ‘भूकैंप’ उनकी पहली फिल्म थी, लेकिन 1994 में रिलीज़ हुई विधु विनोद चोपड़ा की ‘1942: ए लव स्टोरी’ ने उन्हें मशहूर बना दिया. इन वर्षों में, उन्होंने परिंदा, खामोशी, माचिस, बादशाह, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर और राजू चाचा जैसी अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं और फिल्मों में योगदान दिया. वह चार राष्ट्रीय पुरस्कारों के प्राप्तकर्ता भी थे, जिनमें भंसाली की दो ब्लॉकबस्टर ड्रामा ‘हम दिल दे चुके सनम’ और ‘देवदास’ के साथ-साथ आमिर खान की ऑस्कर नामांकित फिल्म ‘लगान’ भी शामिल थी. पिछले महीने की शुरुआत में, नितिन देसाई ने गणेश चतुर्थी के आगामी त्योहार की प्रत्याशा में, अपने स्टूडियो में एक पूजा की थी. वह मुंबई के प्रतिष्ठित गणपति मंडल लालबागच्या राजा के लिए पंडाल सजावट पर काम कर रहे थे. नितिन देसाई महाराणा प्रताप पर एक नए शो में भी व्यस्त थे, जिसे एक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए तैयार किया जा रहा था.

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नील नितिन मुकेश ने नितिन देसाई को दी श्रद्धांजलि

नील नितिन मुकेश ने कहा, दिल दहला देने वाली खबर स्वीकार नहीं कर सकता. हमारे प्यारे #नितिंदेसाई अपने स्वर्गीय निवास के लिए रवाना हो गए हैं… वह बस एक प्रतिभाशाली व्यक्ति था. शालीनता और शैली वाला एक दूरदर्शी कलाकार जो न केवल अपनी कला को बल्कि लोगों को भी समझता था. वह एक सकारात्मक आत्मा थे जिन्होंने सभी में केवल प्रेम फैलाया…. मेरे भगवान उनके परिवार को शक्ति दे. ॐ शांति. रितेश देशमुख ने ट्वीट किया, यह जानकर गहरा सदमा लगा कि भारतीय सिनेमा के विकास में बहुत बड़ा योगदान देने वाले महान प्रोडक्शन डिजाइनर #नितिनदेसाई अब नहीं रहे। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. मैं उन्हें वर्षों से जानता था… मृदुभाषी, विनम्र, महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी…तुम याद आओगे मेरे दोस्त. शांति.

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Ashish Lata

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By Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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