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झारखंड राज्य फसल राहत योजना पर कार्यशाला आयोजित, युद्ध स्तर पर होगा भूमि फसल का सत्यापन कार्य

Updated at : 05 Nov 2023 11:56 AM (IST)
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झारखंड राज्य फसल राहत योजना पर कार्यशाला आयोजित, युद्ध स्तर पर होगा भूमि फसल का सत्यापन कार्य

झारखंड राज्य फसल राहत योजना को लेकर जिला सहकारिता विभाग की ओर से शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया. समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यशाला की शुरुआत डीसी कुलदीप चौधरी ने की.

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  • शत-प्रतिशत किसानों को योजना से कराया जाये आच्छादित

संवाददाता, बोकारो : झारखंड राज्य फसल राहत योजना को लेकर जिला सहकारिता विभाग की ओर से शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया. समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यशाला की शुरुआत डीसी कुलदीप चौधरी ने की. उपायुक्त श्री चौधरी ने कहा : झारखंड राज्य फसल राहत योजना (जेआरएफआरवाइ) राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना है. कई स्तरों पर भूमि का सत्यापन होना है. वहीं, आनलाइन एप से फसलों का सत्यापन किया जाना है. योजना का लाभ किसानों तक पहुंचे, इसके लिए कई जरूरी प्रक्रिया है. ऐसे में संबंधित अधिकारी व कर्मियों को योजनाबद्ध तरीके से युद्ध स्तर पर भूमि व फसल का सत्यापन कार्य करना होगा. डीसी श्री चौधरी ने अब तक प्राप्त आवेदन का एक सप्ताह में शत प्रतिशत सत्यापन कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. डीसी श्री चौधरी ने जिला सहकारिता, कृषि व राजस्व विभाग को समन्वय बनाकर लक्ष्य अनुरूप प्रदर्शन करने को कहा. डीसी ने जेआरएफआरवाइ के तहत अब तक प्राप्त आवेदन व जिला में निबंधित किसान की संख्या की जानकारी ली. जिला में 1,36,907 किसान निबंधित है.

30 नवंबर तक किसान करा सकते हैं निबंधन : डीडीसी

डीडीसी कीर्तीश्री ने जेआरएफआरवाइ की कार्यशाला प्रखंड स्तर पर आयोजित करने व संबंधित सभी पंचायत स्तरीय कर्मी व प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर गति देने का निर्देश दिया. डीडीसी ने बताया : 30 नवंबर तक जेआरएफआरवाइ के तहत किसान निबंधन करा सकते हैं, इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने की बात कहीं. बताते चलें कि जेआरएफआरवाइ फसल बीमा योजना ना होकर फसल क्षति होने पर किसानों को प्रदान की जानेवाली क्षतिपूर्ति योजना है. यह किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण फसल क्षति के मामले में सुरक्षा कवच प्रदान करने व एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करने के संकल्प को पूरा करता है. योजना भूःस्वामी व भूमिहीन किसान दोनों को आच्छादित करता है. किसानों को इस योजना के तहत किसी भी प्रकार के फसल बीमा प्रीमियम भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है.

ये थे मौजूद  

मौके पर अपर समाहर्ता मेनका, चास एसडीओ दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, बेरमो एसडीओ शैलेश कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी स्वेता गुड़िया, जिला कृषि पदाधिकारी उमेश तिर्की, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी प्रकाश पांडेय समेत सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के पैक्स समिति अध्यक्ष – सचिव, एटीएम, बीटीएम मौजूद थे.

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