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झारखंड के इन सड़कों पर होता सम्मोहन! जानें कैसे

Updated at : 11 Aug 2023 6:20 AM (IST)
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झारखंड के इन सड़कों पर होता सम्मोहन! जानें कैसे

बोकारो में लंबी दूरी की सड़कों पर सम्मोहन नजर आता है. सड़क दुर्घटना के बाद ड्राइवर का कहना होता है कि ना तो नींद आयी और ना ही सचेत हुआ, इसके बावजूद गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है. इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मानसिक रूप एक्टिव रहें. वहीं, रात में लंबी ड्राइव से बचें.

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Jharkhand News: 18 जुलाई को रांची से देवघर जा रहे देवमंगल कुमार का वाहन खुटरी के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई. हालांकि, दुर्घटना छोटी थी और कोई हताहत नहीं हुआ. देवमंगल जब वाहन से नीचे उतरे तो उन्होने बताया : अचानक से ब्रेक का इस्तेमाल किया और बचाते-बचाते पेड़ से टक्कर हो गयी. अचानक से ब्रेक क्यों लगाया यह याद नहीं.

सड़क सम्मोहन

तीन अगस्त को बोकारो से चंद्रपुरा के रास्ते फुसरो जा रहे एक बैंक अधिकारी भंडारीदह के पास अचानक से ब्रेक का इस्तेमाल किया. इससे किसी प्रकार की दुर्घटना तो नहीं हुई, लेकिन उन्होने बताया कि वाहन किस रफ्तार व किस मोड में चल रहा था यह याद नहीं. अचानक से सचेत हुआ और ब्रेक लगा दिया.

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सड़क सम्मोहन के कई मामले

उपरोक्त दोनों स्थिति सड़क सम्मोहन की थी. सड़क सम्मोहन के ऐसे अनेक मामला है, जब किसी सड़क दुर्घटना के बाद चालक को यह कहते सुना होगा कि उसे याद ही नहीं है कि गाड़ी कैसे टकरा गयी. ज्यादा देर व लगातार वाहन चलाने के कारण सड़क सम्मोहन की स्थिति हो जाती है. ऐसी स्थिति में वाहन चालक की आंख तो खुली रहती हैं, लेकिन दिमाग सचेत नहीं रहता. कभी-कभी सामने से आ रहे वाहन का भी आभास तक नहीं होता.

जून माह में 25 सड़क दुर्घटना, 12 लोगों की गयी जान

बोकारो जिला में जून माह में 25 सड़क दुर्घटना हुई. इनमें 12 लोगों ने जान गवायी. 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. दर्जनों छिटपुट दुर्घटना भी हुई. इनमें से कई में चालक यह बताने की स्थिति में नहीं था कि आखिर दुर्घटना हुई कैसे. कई घायलों ने बताया: अचानक से हो गया. यह अचानक से होना ही सड़क सम्मोहन है. जब आंख तो खुली रहती है, लेकिन दिमाग कहीं खोया रहता है. गाड़ी चलाते समय अचानक दिमाग में कुछ अन्य बात चलने लगती हैं.

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वाहन चलाते समय रहें मानसिक रूप से एक्टिव : सचिन हेलीवाल

ऑटो एक्सपर्ट हेलीवाल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सचिन हेलीवाल का कहना है कि वाहन चलाते समय मानसिक रूप एक्टिव रहें. लगातार वाहन चलाने से बचें. लंबी दूरी की यात्रा में हर 100-125 किमी की दूरी पर आराम जरूर करें. ऑडियो सिस्टम का इस्तेमाल करें और गाना गुनगुनाते रहें. समय-समय पर आंख को पानी से साफ करें. इससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती. वाहन चलाते समय साईड मिरर व विंडशील्ड मिरर का इस्तेमाल करें. रास्ता का चलंत प्रतिविंब बनने से दिमाग एक्टिव होता है.

रात में लंबी ड्राइव करने से बचें : दिलीप कुमार झा

वहीं, हेलीवाल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर दिलीप कुमार झा ने बताया कि सफर के दौरान जिस शहर या गांव से गुजरे वहां के प्रमुख स्थान के बारे में जानकारी लेने की कोशिश करें. यह काम वाहन में बैठे लोगों से हल्की बातचीत से भी किया जा सकता है. अगर हर दिन एक ही जगह की यात्रा करनी हो, तो समय-समय पर रास्ता बदलते रहें. रास्तों की आदत नहीं होनी चाहिए. रात में लंबी ड्राइव करने से बचे.

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