Royal Enfield ने 2019 में उतारी थी ये बाइक, सिर्फ एक साल बाद ही बंद हो गई बिक्री, आखिर क्या थी वजह?
रॉयल एनफील्ड बुलेट ट्रायल्स 350 (फोटो: royalenfield.com)
2019 में Royal Enfield ने एक ऐसी बाइक लॉन्च की थी, जो अपने अलग लुक, सिंगल सीट और रफ-एंड-टफ डिजाइन के साथ आई थी. हालांकि, इसकी बिक्री ज्यादा लंबे समय तक नहीं चली और करीब एक साल बाद इसे बंद कर दिया गया. आखिर ऐसा क्यों हुआ? आइए जानते हैं.
साल था 2019. क्रूजर और रेट्रो बाइक के लिए मशहूर Royal Enfield ने भारत में एक ऐसी बाइक उतारी थी, जिसने आते ही खूब चर्चा बटोरी. लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब इस बाइक ने अपना पहला साल पूरा किया और अचानक शोरूम्स से गायब होने लगी. न कोई लंबा इंतजार, न कोई बड़ी घोषणा, बस बाइक की बिक्री बंद हो गई.
अब सवाल ये था कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? Royal Enfield जैसे बड़े और भरोसेमंद ब्रांड ने अपनी ही बाइक को इतनी जल्दी क्यों हटा दिया? छोटी कंपनी होती तो शायद बात समझ में आती, लेकिन रॉयल एनफील्ड के मामले में यह फैसला अपने आप में किसी रहस्य से कम नहीं था.
कौन सी थी वो बाइक और क्यों आई थी?
यह बाइक थी Royal Enfield Bullet Trials 350. कंपनी ने इसे 1950 के दशक की अपनी मशहूर ट्रायल्स बाइक्स से इंस्पायर्ड होकर बनाया था. उस दौर में Royal Enfield की मोटरसाइकिलें ऑफ-रोड रेसिंग और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर खूब नाम कमा चुकी थीं.
इसी पुराने रेसिंग अंदाज को नए जमाने में वापस लाने की कोशिश थी Bullet Trials 350. कंपनी चाहती थी कि भारतीय युवाओं को एक ऐसी बाइक मिले, जिसमें क्लासिक लुक के साथ थोड़ा रफ और एडवेंचर वाला अंदाज भी नजर आए. यानी रोजमर्रा की सड़क पर चलाते हुए भी बाइक बाकी Bullet से अलग और खास दिखाई दे.

सिंगल सीट और रफ-एंड-टफ डिजाइन ने बनाया खास
डिजाइन की बात करें तो Bullet Trials 350 को देखकर ही समझ आ जाता था कि यह नॉर्मल Royal Enfield से कुछ अलग है. इसकी सबसे पहली नजर पड़ने वाली चीज थी इसकी सिंगल-सीट. जहां नॉर्मल Bullet में पीछे बैठने के लिए सीट मिलती है, वहीं Trials 350 में उसकी जगह लाल या हरे रंग का यूटिलिटी लगेज रैक दिया गया था.
लेकिन इसका रफ-एंड-टफ लुक सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था. ऊंचा उठा हुआ अपस्वेप्ट एग्जॉस्ट, लंबे हैंडलबार, डुअल-पर्पज टायर्स और क्रोम के साथ रंगीन फ्रेम इसे एकदम अलग अंदाज देते थे.
ये भी पढ़ें: 1,948cc का इंजन, कीमत सिर्फ ₹5 लाख, क्या आपको पता है भारत की पहली SUV कार का नाम?
346cc इंजन के साथ दमदार परफॉर्मेंस
परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें 346cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया था. यही इंजन उस दौर की Bullet और Classic 350 में भी यूज किया जाता था. यह इंजन लगभग 19.8 bhp की पावर और 28 Nm का टॉर्क जनरेट करता था. चलाने में यह बाइक लो-एंड टॉर्क से भरपूर थी, जिससे इसे शहर के ट्रैफिक और गांव के कच्चे रास्तों पर चलाना काफी मजेदार था.

सबसे बड़ी गलतफहमी: यह कोई ऑफ-रोड बाइक नहीं थी
इस बाइक को लेकर कस्टमर्स के बीच एक बड़ी गलतफहमी फैली. इसके नाम में 'Trials' लिखा था और इसका लुक स्क्रैम्बलर जैसा था, इसलिए लोगों को लगा कि यह एक हार्डकोर ऑफ-रोड बाइक है. लेकिन हकीकत यह थी कि इसका सस्पेंशन ट्रैवल और फ्रेम रेगुलर Classic 350 वाला ही था. यह देखने में तो ऑफ-रोडर जैसी लगती थी, लेकिन असल में यह डेली यूज के लिए बनी एक लाइफस्टाइल बाइक थी.
मार्केट से इतनी जल्दी क्यों बंद हुई यह बाइक?
Bullet Trials 350 का सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. मार्च 2020 में कंपनी ने इसे बंद कर दिया था. लेकिन इसके बंद होने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है. दरअसल, अप्रैल 2020 में भारत में BS6 एमिशन नॉर्म्स लागू होने वाले थे. इसी दौरान Royal Enfield भी अपनी बाइक्स में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में थी.
कंपनी अपने पुराने UCE इंजन को धीरे-धीरे हटाकर नए J-Series प्लेटफॉर्म पर जाने वाली थी. ऐसे में Bullet Trials 350 को भी BS6 के हिसाब से अपडेट करना पड़ता. लेकिन इस मॉडल की बिक्री पहले से ही ज्यादा नहीं थी. इसलिए कंपनी ने इसमें पैसा और समय लगाने के बजाय इसे बंद करने का फैसला किया.
ये भी पढ़ें: 1993 में लॉन्च हुई थी इंडिया की पहली इलेक्ट्रिक कार, नाम ऐसा कि सुनते ही चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अंकित आनंद
शॉर्ट बायो
अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
काम के बारे में
अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










