अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के पास थी हुंडई की सेडान कार, गाजियाबाद के इंदिरापुरम में हो गई खाक़

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 18 Dec 2023 9:27 PM

विज्ञापन

हिंदू महासभा के तत्कालीन प्रमुख और हिंदूवादी नेता स्वामी चक्रपाणी ने दिसंबर 2015 में भारत के भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की कार को एक नीलामी के दौरान खरीदा था. इसके बाद उन्होंने 21 दिसंबर 2015 को इस कार को दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में जला दिया.

विज्ञापन

नई दिल्ली: अंडरवर्ल्ड डॉन और भारत का कट्टर दुश्मन दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान की कराची के एक अस्पताल में भर्ती है. बताया जा रहा है कि तथाकथित तौर पर जहरखुरानी के पास उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं की गई है कि उसे जहरखुरानी की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है या कोई और कारण है. वह जिंदा है या मर गया है, अभी इस बात की भी पुष्टि नहीं हुई है. दाऊद इब्राहिम 1993 मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट का प्रमुख आरोपी है. इस कांड को अंजाम देने के 26 दिसंबर 1995 को महाराष्ट्र की रत्नागिरी में जन्मे दाऊद इब्राहिम कासकर अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान भाग गया था. भारत छोड़कर भागने के बाद भी वह पाकिस्तान से ही अपनी डी-कंपनी को संचालित करता रहा है. जब तक वह भारत में था, तो उसके पास अकूत संपत्ति के अलावा कई कारें थीं, लेकिन उसकी एक कार सरकार के हाथ लग गई, जिसे सरकार ने जब्त करने के बाद नीलाम कर दिया था. बाद में नीलामी में खरीदने वाले एक हिंदूवादी नेता ने उसकी कार को जला भी दिया था, जिससे वह खाक में मिल गई. आइए, जानते हैं उस कार के बारे में…

दाऊद इब्राहिम के पास कौन सी थी कार

दाऊद इब्राहिम के पास हुंडई एक्सेंट सेडान कार भी थी, जो नीलाम हो चुकी है. इस सेडान कार की कीमत उस समय करीब 3.75 लाख रुपये थी. 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद दाऊद इब्राहिम इस कार को छोड़कर तथाकथित तौर पर पाकिस्तान भाग गया था. उसकी हुंडई एक्सेंट कार को सरकार ने दिसंबर 2015 में नीलाम कर दिया था, जिसे हिंदू महासभा के तत्कालीन अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने 32,000 रुपये में खरीदा था.

Also Read: Royal Enfield की ये सस्ती बाइक टीवीएस रोनिन का करेगी खात्मा! स्टाइल और लुक में येज्दी को टक्कर

2015 तक कबाड़ में तब्दील हो गई थी दाऊद की कार

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की ओर से जब दिसंबर 2015 में दाऊद इब्राहिम की सेडान कार हुंडई एक्सेंट को नीलाम किया जा रहा था, तो उस समय वह कबाड़ में तब्दील हो चुकी थी. दाऊद इब्राहिम के पास वाली कार के मॉडल को हुंडई ने बाद में बंद कर दिया था. इसके बाद कंपनी ने इसके अपडेटेड मॉडल को भारत में लॉन्च किया था.

Also Read: रंग बदलती है मुकेश अंबानी की कार! पलक झपकते हरी से हो गई बैंगनी, आप भी देखें VIDEO

स्वामी चक्रपाणी ने दाऊद की कार खरीदकर जलाया

समाचार एजेंसी पीटीआई की ओर से 22 दिसंबर 2015 को दी गई एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू महासभा के तत्कालीन प्रमुख और हिंदूवादी नेता स्वामी चक्रपाणी ने दिसंबर 2015 में भारत के भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की कार को एक नीलामी के दौरान खरीदा था. इसके बाद उन्होंने 21 दिसंबर 2015 को इस कार को दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में जला दिया. ‘अखिल भारतीय हिंदू महासभा’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का दावा करने वाले चक्रपाणि ने कहा था कि कार जलाना उस आतंकवाद का अंतिम संस्कार करने का प्रतीक होगा, जो दाऊद और उसके गुर्गों ने देश में और खासकर मुंबई में फैलाया था.

Also Read: मिडिल क्लास फैमिली के लिए बेस्ट है रतन टाटा की Punch, हादसे में ऐसे बचाती है जान

छोटा शकील ने स्वामी चक्रपाणि को दी धमकी

अंडरवर्ल्ड डॉन की कार खरीदकर जलाने के बाद दाऊद के गुर्गे छोटा शकील ने हिंदू महासभा के तत्कालीन अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि को जान से मारने की धमकी दी थी. छोटा शकील से धमकी मिलने के बाद स्वामी चक्रपाणि ने गृह मंत्रालय को एक चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि डी-कंपनी की ओर से उन्हें धमकी दी जा रही है. उन्हें यह धमकी एक एसएमएस के द्वारा दी गई थी, जिसमें लिखा गया था,’मैं अपने टार्गेट को वीडियो गेम की तरह खेलता हूं. ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं. वेट.’ इसके बाद स्वामी चक्रपाणि को सरकार की ओर से जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई थी.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola