83 हजार ट्रैक्टर बिके एक महीने में, किसानों की पहली पसंद बना ये ब्रांड

Edited by Rajeev Kumar
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ट्रैक्टर बिक्री रिपोर्ट // सिंबॉलिक एआई पिक

भारतीय ट्रैक्टर बाजार में मई 2026 के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली. 83,092 यूनिट्स की बिक्री के साथ महिंद्रा ने नंबर-1 स्थान बरकरार रखा, जबकि किसानों के बीच आधुनिक खेती उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है.

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भारत का ट्रैक्टर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और इसका सबसे बड़ा संकेत मई 2026 की बिक्री रिपोर्ट में देखने को मिला है. खेती में बढ़ते मशीनीकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और किसानों की बढ़ती खरीद क्षमता के चलते ट्रैक्टरों की मांग तेज हुई है. यही वजह है कि मई महीने में देशभर में 83 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर बिके. दिलचस्प बात यह है कि इस रेस में कुछ ब्रांड्स ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है, जबकि कई कंपनियां बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए जोर लगा रही हैं.

मई में 83 हजार से ज्यादा ट्रैक्टरों की बिक्री

ताजा बिक्री आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में भारतीय बाजार में कुल 83,092 ट्रैक्टर बिके. पिछले साल इसी महीने 74,744 यूनिट्स की बिक्री हुई थी. इस तरह साल-दर-साल आधार पर ट्रैक्टर बिक्री में 11.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह वृद्धि बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है.

खेती में मशीनीकरण से बढ़ी मांग

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक खेती की तरफ बढ़ते रुझान ने ट्रैक्टरों की मांग को मजबूती दी है. छोटे और मध्यम किसानों के बीच भी अब ट्रैक्टरों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. सरकारी योजनाएं, आसान फाइनेंस विकल्प और बेहतर कृषि आय भी बिक्री बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल हैं.

महिंद्रा बना नंबर-1 ट्रैक्टर ब्रांड

मई 2026 में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर बेचने का खिताब महिंद्रा एंड महिंद्रा के नाम रहा. कंपनी ने 19,077 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की और लगभग 22.96 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की. मजबूत सर्विस नेटवर्क, विविध मॉडल रेंज और किसानों के बीच भरोसेमंद छवि ने महिंद्रा को बाजार में सबसे आगे बनाए रखा है.

टॉप-5 ब्रांड्स के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा

भारतीय ट्रैक्टर बाजार में महिंद्रा के अलावा कई बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं. स्वराज, सोनालिका, एस्कॉर्ट्स कुबोटा और जॉन डियर जैसे ब्रांड्स भी किसानों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं. अलग-अलग हॉर्सपावर और उपयोग के हिसाब से उपलब्ध मॉडल इन कंपनियों को मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाते हैं.

आगे भी बनी रह सकती है तेजी

खरीफ सीजन की तैयारियों और बेहतर मानसून की उम्मीदों के बीच ट्रैक्टर उद्योग आने वाले महीनों में भी मजबूत प्रदर्शन कर सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ने से कंपनियों को बिक्री में और तेजी देखने की उम्मीद है.

किसानों के लिए क्या है इसका मतलब?

ट्रैक्टर बिक्री में बढ़ोतरी सिर्फ ऑटोमोबाइल सेक्टर की खबर नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत भी है. बढ़ती मांग बताती है कि किसान अब आधुनिक मशीनों की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे खेती की उत्पादकता और दक्षता दोनों में सुधार हो सकता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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