Force Motors ने बनाया Mercedes-Benz का 2 लाखवां इंजन, Make in India की नई मिसाल

Edited by Rajeev Kumar
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मर्सिडीज-बेंज GLS 450 के लिए भारत में बना इंजन // एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

पुणे के चाकण प्लांट से फोर्स मोटर्स ने मर्सिडीज-बेंज का 2,00,000वां इंजन रोल-आउट किया. यह उपलब्धि भारत की वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ती ताकत को दर्शाती है.

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भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है. पुणे स्थित फोर्स मोटर्स ने अपने चाकण प्लांट से मर्सिडीज-बेंज का 2,00,000वां इंजन रोल-आउट कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है. यह सिर्फ एक उत्पादन आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत में विकसित हो रही विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और वैश्विक ऑटोमोबाइल ब्रांड्स के भरोसे की भी कहानी है. खास बात यह है कि यह उपलब्धि फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज के बीच करीब तीन दशक पुरानी विनिर्माण साझेदारी को और मजबूत बनाती है.

1997 से शुरू हुई साझेदारी ने छुआ नया मुकाम

फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज के बीच इंजन निर्माण का सफर 1997 में शुरू हुआ था. समय के साथ यह सहयोग केवल इंजन उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत में तैयार होने वाली मर्सिडीज-बेंज कारों और एसयूवी के लिए एक्सल और अन्य महत्वपूर्ण घटकों के निर्माण तक पहुंच गया. अब 2 लाखवें इंजन का उत्पादन इस लंबे सहयोग की सफलता का प्रमाण माना जा रहा है.

GLS 450 के लिए तैयार हुआ खास इंजन

कंपनी के अनुसार, यह ऐतिहासिक 2,00,000वां इंजन 6-सिलेंडर M256 यूनिट है, जिसे मर्सिडीज-बेंज GLS 450 एसयूवी में इस्तेमाल किया जाएगा. यह इंजन आधुनिक इंजीनियरिंग, परफॉर्मेंस और प्रीमियम गुणवत्ता का प्रतीक माना जाता है. फोर्स मोटर्स का चाकण प्लांट विशेष रूप से मर्सिडीज-बेंज के वैश्विक गुणवत्ता मानकों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है.

भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मिली नई पहचान

इस उपलब्धि का महत्व केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है. यह दिखाता है कि भारत अब वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग की सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले इंजन का बड़े पैमाने पर उत्पादन यह साबित करता है कि भारतीय विनिर्माण इकाइयां अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने में सक्षम हैं.

समारोह में शामिल हुए दोनों कंपनियों के शीर्ष अधिकारी

इस खास मौके पर फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. दोनों कंपनियों ने इस उपलब्धि को आपसी विश्वास, तकनीकी उत्कृष्टता और दीर्घकालिक सहयोग का परिणाम बताया. कार्यक्रम में वैश्विक और भारतीय नेतृत्व टीम के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और भविष्य में साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई.

‘मेक इन इंडिया’ को मिला बड़ा समर्थन

ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है. ऐसे समय में जब वैश्विक कंपनियां भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन केंद्रों की तलाश कर रही हैं, भारत में तैयार हो रहे प्रीमियम ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स देश की बढ़ती औद्योगिक ताकत को दर्शाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में भारत में और अधिक वैश्विक निवेश आकर्षित हो सकता है. यह भी पढ़ें: Force Traveller N Range: कार जैसा कॉकपिट और बड़ा इंफोटेनमेंट सिस्टम, नये अवतार में छा गई बड़े परिवार की गाड़ी

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Rajeev Kumar

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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