बाइक के दोनों टायरों में बराबर हवा क्यों नहीं भरी जाती? आधा भारत नहीं जानता वजह

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बाइक के टायर में हवा भरते हुए एआई इमेज

बाइक के आगे और पीछे के टायर में अलग-अलग हवा भरने के पीछे बड़ा कारण छिपा है. पीछे वाला टायर ज्यादा वजन उठाता है, इसलिए उसमें ज्यादा हवा भरी जाती है, जबकि आगे वाला टायर बाइक का बैलेंस और कंट्रोल संभालता है. सही टायर प्रेशर से बाइक स्मूद चलती है और सुरक्षा भी बनी रहती है.

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अगर आप रोज बाइक चलाते हैं, तो आपने कभी न कभी यह जरूर नोटिस किया होगा कि मैकेनिक या पेट्रोल पंप कर्मचारी आगे वाले टायर में कम और पीछे वाले टायर में ज्यादा हवा भरते हैं. उस समय कई लोगों के मन में यह सवाल तो जरूर आता होगा, कि आखिर दोनों टायरों में बराबर हवा क्यों नहीं भरी जाती? कई लोग इसे सिर्फ एक नियम की तरह मानते हैं. लेकिन यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि इसके पीछे का कारण बाइक की सेफ्टी, बैलेंस और परफॉर्मेंस से जुड़ा हुआ है. टायर में हवा कम या ज्यादा होने का सीधा असर बाइक की ग्रिप, ब्रेकिंग, माइलेज और राइडिंग कम्फर्ट पर पड़ता है. यही वजह है कि कंपनियां फ्रंट और रियर टायर के लिए अलग-अलग एयर प्रेशर तय करती हैं. आइए जानते हैं कि इसके पीछे की असली वजह क्या है.

पीछे वाले टायर पर ज्यादा होता है वजन

बाइक में इंजन, फ्यूल टैंक और राइडर का ज्यादातर वजन पीछे की तरफ पड़ता है. खासकर जब कोई व्यक्ति बाइक पर बैठता है, तो रियर टायर पर लोड काफी बढ़ जाता है. इसी कारण पीछे वाले टायर में ज्यादा हवा भरी जाती है, ताकि वह एक्स्ट्रा वजन को आसानी से संभाल सके और सड़क पर बेहतर बैलेंस बनाए रखे. अगर पीछे के टायर में कम हवा होगी, तो बाइक भारी महसूस हो सकती है और टायर जल्दी खराब भी हो सकता है.

आगे वाला टायर संभालता है कंट्रोल

फ्रंट टायर का काम सिर्फ वजन उठाना नहीं, बल्कि बाइक की दिशा और बैलेंस को कंट्रोल करना भी होता है. यही टायर स्टीयरिंग को संभालता है और मोड़ लेते समय सबसे अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में अगर आगे वाले टायर में ज्यादा हवा भर दी जाए, तो वह ज्यादा सख्त हो जाएगा. इससे सड़क पर उसकी पकड़ कम हो सकती है और खराब रास्तों पर झटके ज्यादा महसूस होंगे. इसलिए फ्रंट टायर में थोड़ा कम प्रेशर रखा जाता है, ताकि बाइक स्मूद और आरामदायक चले.

ब्रेक लगाने के समय बदल जाता है वजन

जब बाइक पर अचानक ब्रेक लगाया जाता है, तो उसका वजन आगे की तरफ शिफ्ट हो जाता है. ऐसे समय में फ्रंट टायर को ज्यादा ग्रिप की जरूरत पड़ती है. कम हवा होने की वजह से टायर का सड़क से संपर्क ज्यादा बना रहता है, जिससे ब्रेकिंग बेहतर होती है और बाइक जल्दी कंट्रोल में आ जाती है. यही कारण है कि फ्रंट टायर में थोड़ा कम एयर प्रेशर रखना सुरक्षित माना जाता है.

गलत एयर प्रेशर से क्या नुकसान हो सकता है?

अगर टायर में जरूरत से ज्यादा हवा भर दी जाए, तो टायर बीच से जल्दी घिसने लगता है और सड़क पर पकड़ कम हो जाती है. वहीं कम हवा होने पर टायर के किनारे ज्यादा घिसते हैं और माइलेज भी प्रभावित हो सकता है.

साथ ही गलत एयर प्रेशर की वजह से बाइक फिसलने का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए हमेशा कंपनी द्वारा बताए गए सही टायर प्रेशर का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

कितनी हवा भरनी चाहिए?

हर बाइक का टायर प्रेशर अलग होता है. आमतौर पर कंपनी इसकी जानकारी बाइक के स्विंगआर्म, फ्यूल टैंक या यूजर मैनुअल पर देती है. ऐसे में-

फ्रंट टायर: 25-30 PSI

रियर टायर: 30-36 PSI

हालांकि यह बाइक मॉडल और लोड के हिसाब से बदल सकता है.

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Shivani Shah

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.

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